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पान मसाला विज्ञापन केस में Salman Khan पर शिकंजा, कोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश

News Desk

सलमान खान क्या होंगे गिरफ्तार? अदालत ने पान मसाला विज्ञापन मामले में पुलिस को दिया निर्देश

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में कानूनी घेराबंदी में फंसते नजर आ रहे हैं. जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट की तामील सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस की विशेष टास्क फोर्स गठित करने के आदेश दिए हैं. आयोग ने निर्देश दिया है कि यह टीम मुंबई जाकर सलमान खान को वारंट तामील कराए. आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि वारंट की तामील में बाधा उत्पन्न होती है या फिर 6 अप्रैल को सलमान खान के साथ पान मसाला कंपनी के निदेशक राकेश कुमार चौरसिया और दिनेश कुमार चौरसिया आयोग के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।

‘सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं’

आयोग के अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल व अजय कुमार की पीठ ने पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जयपुर पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को यह आदेश जारी किए हैं. यह आदेश परिवादी योगेन्द्र सिंह की ओर से दायर शिकायत पर पारित किया गया है. आयोग ने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि सेलिब्रिटी स्टेटस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता है. वारंट की तामील नहीं होना कानून का मखौल है और इससे उपभोक्ताओं का आयोगों पर विश्वास भी कमजोर होता है।

केसर होने के दावे पर किया मुकदमा

मामले की शुरुआत योगेंद्र सिंह के दायर परिवाद से हुई, जिसमें राजश्री पान मसाला के विज्ञापन पर पाबंदी लगाने की मांग की गई. शिकायत में कहा गया कि उत्पाद को केसर युक्त बताया जा रहा है, जबकि उसकी कीमत के आधार पर उसमें वास्तविक केसर होना संभव नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है. इससे पहले भी इस मामले में सलमान खान और पान मसाला कंपनी को राहत नहीं मिली है. राज्य उपभोक्ता आयोग ने उनकी निगरानी याचिकाओं को खारिज करते हुए भ्रामक विज्ञापन के मामलों में सख्ती के संकेत दिए थे. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को यह सिफारिश भी की गई थी कि ऐसे मामलों को केवल केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण तक सीमित न रखकर राज्य उपभोक्ता आयोगों के दायरे में भी लाया जाए।

श्रावस्ती में नव निर्माण के नौ वर्ष प्रदर्शनी संपन्न:अपर जिलाधिकारी ने कहा- योजनाओं से गरीबों का सशक्तिकरण हुआ


श्रावस्ती में उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय प्रदर्शनी एवं मेले का गुरुवार को समापन हो गया। कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का समापन जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा और उपजिलाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने गरीब, वंचित और पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। अपर जिलाधिकारी ने आगे कहा कि बैंकिंग और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
प्रदेश सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों और आमजन ने सराहा। प्रदर्शनी में ग्राम विकास, पंचायती राज, पूर्ति, शिक्षा, समाज कल्याण, पुलिस, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। अपर जिलाधिकारी सहित आमजन ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस नौ दिवसीय प्रदर्शनी एवं मेले का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इन नौ दिनों के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सीधे लाभान्वित किया गया, जिससे उनके सशक्तिकरण में मदद मिली।

पेट्रोल पंप पर दो लोगों में मारपीट, VIDEO:सिद्धार्थनगर में पेट्रोल लेने को लेकर हुआ विवाद, लात-घूसों से पीटा


सिद्धार्थनगर के धौरीकुइया स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान दो उपभोक्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हुई। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल भरवाने के दौरान लाइन में लगने और पहले पेट्रोल लेने को लेकर दोनों उपभोक्ताओं में कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों उपभोक्ता एक-दूसरे को पीट रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इन दिनों पेट्रोल पंप पर अधिक भीड़ होने के कारण अक्सर लोगों के बीच बहस होती रहती है। इसी तनावपूर्ण माहौल में यह विवाद हिंसक हो गया। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो एक दिन पुराना है। इस घटना के बाद क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी और घटनाएं हो सकती हैं। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Elon Musk का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ठप, यूजर्स को लॉगिन और फीड में दिक्कतें

News Desk

X (Twitter)। इन दिनों कई जगहों पर ठीक से काम नहीं कर रहा है। यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें अपनी फीड देखने, पोस्ट करने और दूसरे फीचर्स इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है। इंटरनेट आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector के अनुसार पिछले कुछ घंटों में अचानक शिकायतों की संख्या बढ़ गई। लगभग 46% यूजर्स को फीड देखने में दिक्कत हुई। करीब 34% यूजर्स को ऐप इस्तेमाल करने में समस्या आई। लगभग 14% यूजर्स को वेबसाइट खोलने में परेशानी हुई। इससे साफ है कि समस्या सिर्फ एक फीचर में नहीं, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म पर असर डाल रही है।

अलग-अलग देशों के यूजर्स भी परेशान

यूजर्स ने बताया कि उनकी टाइमलाइन पर कुछ भी लोड नहीं हो रहा है। कई लोगों ने कंटेंट पोस्ट करने और देखने दोनों में समस्या बताई। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार London सहित अलग-अलग देशों के यूजर्स ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि किन-किन देशों में यह समस्या ज्यादा है।

डाउन होते ही मीम्स की आई बाढ़

जैसे ही एक्स डाउन हुआ, यूजर्स ने मजाकिया मीम्स शेयर करने शुरू कर दिए। एक यूजर ने Josh Hazlewood के भारत आने की फोटो शेयर करके लिखा कि उनके आते ही एक्स डाउन हो गया। दूसरे यूजर्स ने Elon Musk से जुड़े मजेदार मीम्स भी शेयर किए।

अभी तक वजह साफ नहीं

फिलहाल इस आउटेज की असली वजह सामने नहीं आई है। कंपनी की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। आमतौर पर ऐसे प्लेटफॉर्म कुछ घंटों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर समस्या बड़ी हो तो इसे ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे आउटेज

हाल के दिनों में YouTube और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स भी कई बार डाउन हो चुके हैं। इससे पता चलता है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तकनीकी दिक्कतें आना अब आम बात होती जा रही है।

ललित कौशिक गैंगस्टर एक्ट में दोषी:कुशांक हत्याकांड का मास्टरमाइंड है, RSS नेता पर गोली चलवाई; आहूजा ग्रुप के एमडी की सुपारी ली


मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सिविल लाइंस थाने के हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक को कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है। ललित कौशिक के साथ ही उसके साथी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और वेस्ट यूपी के बेहद खतरनाक शार्प शूटरों में शुमार केशव सरन शर्मा को भी कोर्ट ने दोषी माना है। बता दें कि केशव सरन शर्मा को पूर्व में पुलिस ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की सुपारी लेने के मामले में भी अरेस्ट किया था। ताजा फैसला एडीजे-5 विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रेशमा चौधरी की अदालत ने सुनाया है। तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अदालत ने इन तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में मुरादाबाद जेल भेज दिया है। बता दें कि इनमें से मुख्य आरोपी ललित कौशिक कई हत्याओं और दूसरे आपराधिक मामलों में पहले से ही यूपी की बलरामपुर जेल में बंद है। जबकि उसका एक साथी खुशवंत सिंह उर्फ भीम मुरादाबाद जेल में पहले से बंद है। जबकि केशव सरन शर्मा जमानत पर चल रहा था। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रेशमा चौधरी ने तीनों अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया। ताजा मामला शहर के युवा स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की सनसनीखेज हज्या से जुड़ा है। इसके पहले भी ललित कौशिक को 2 मामलों में सजा हो चुकी है। 12 जनवरी 2022 को हुई थी कुशांक की सनसनीखेज हत्या मुरादाबाद में शहर के पॉश एरिया रामगंगा विहार में हत्या की यह सनसनीखेज वारदात 12 जनवरी 2022 को हुई थी। युवा स्पोर्टर्स व्यापारी कुशांक गुप्ता की दुस्साहसिक अंदाज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने दुकान से निकलते वक्त व्यापारी कुशांक गुप्ता (30 साल) के सिर में सटाकर गोली मारी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे मौके से भाग निकले थे। कुशांक की दुकान पर कब्जा कराने की थी नीयत कुशांक गुप्ता की मूंढापांडे के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक से अदावत चल रही थी। घटना से कुछ महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ललित कौशिक के साथ कुछ लोग कुशांक गुप्ता की दुकान में नजर आ रहे थे। इनमें से कुछ के पास हथियार भी थे। इन लोगों ने कुशांक को धमकाया था। जिसके बाद कुशांक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार कई वीडियो पोस्ट करके ललित कौशिक द्वारा हत्या की धमकी दिए जाने की बात कही थी। कुशांक ने ललित कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और वह उसकी अरेस्टिंग के लिए लगातार कई दिनों तक अपनी ही दुकान के बाहर भूख हड़ताल पर भी बैठा था। लेकिन कौशिक के रसूख की वजह से उसकी अरेस्टिंग नहीं हो सकी थी। दरअसल कुशांक गुप्ता ने अपनी एक दुकान एक नाई को किराए पर दी थी। कुशांक उससे अपनी दुकान खाली कराना चाहते थे। लेकिन ललित कौशिक ने कुशांक को धमकाया था कि वो किराएदार से दुकान खाली न कराए। यदि दुकान खाली कराने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा।दरअसल ललित कौशिक को पावर में रहते हुए शहर की विवादित प्रॉपर्टीज के फैसले करने की आदत पड़ चुकी थी। उसे इन फैसलों में मोटी रकम मिलती थी। लेकिन युवा व्यापारी कुशांक गुप्ता उसकी धमकियों से नहीं डरा और उसने ललित कौशिक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
बदनामी से परेशान होकर किया कुशांक का इंतजाम मुरादाबाद पुलिस ने 28 मार्च 2023 को इस वारदात में शामिल रहे खुशवंत सिंह उर्फ भीम को अरेस्ट करके इस घटना का खुलासा किया था। उसने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने यह वारदात ललित कौशिक के कहने पर की थी। ललित कौशिक ने ही उसे शूटर उपलब्ध कराया था। उसका काम सिर्फ शूटर को अपनी बाइक पर बैठाकर कुशांक की दुकान के पास तक ले जाना और घटना के बाद उसे बाइक से शहर से बाहर तक सेफ पहुंचाना था। खुशवंत सिंह उर्फ भीम ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि “मेरे और ललित कौशिक के बीच बहुत घनिष्टता है। ललित कौशिक का भांजा मेरे साथ पढ़ता था। इसलिए मेरे उनके साथ पारिवारिक संबंध हो गए थे। मैं ठेकेदारी करता हूं तो ललित कौशिक उसमें मेरी मदद करता है। 2020 में सिद्धबली स्पोर्ट्स के मालिक कुशांक गुप्ता का ललित कौशिक के मिलने वाले भूरा नाई की दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हो गया था। कुशांक ने इस मामले में ललित कौशिक की बात नहीं मानी थी। इस पर ललित कौशिक अपने साथियों के साथ कुशांक की दुकान पर गया था,जहां झगड़ा हो गया था। उसने ललित कौशिक और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया था। इतना ही नहीं वो ललित कौशिक के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए रोजाना अखबारों में निकलवाता था। इसके अलावा फेसबुक और ट्रिवटर पर रोजाना पोस्ट भी डालता था। उसने ललित कौशिक को बहुत बदनाम और परेशान कर दिया था। इसलिए ललित कौशिक ने उसका इंतजाम करने का मन बना लिया था। हम लोग मौके की तलाश में थे। जब कुशांक गुप्ता का बिजनौर के हिमांशू और प्रियांशू से अपना पोर्शन खाली कराने को लेकर विवाद हुआ तो कौशिक ने सही मौका देखकर एक शूटर बुला लिया।”
वारदात के वक्त थोड़ी दूरी पर बाइक लेकर खड़ा था भीम पुलिस पूछताछ में खुशवंत सिंह उर्फ भीम ने बताया कि, ललित कौशिक ने मौका देखकर 12 जनवरी 2022 को एक शूटर बाहर से बुलवाया था। इसके बाद योजना के तहत पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। मैं बाइक लेकर सिद्धबली स्पोर्टस से थोड़ा आगे जाकर खड़ा हो गया था। शूटर ने जैसे ही कुशांक को गोली मारी तो वह दौड़कर मेरे पास आया और मैं उसे लेकर वहां से कैमरों की नजरों से बचाता हुआ सुरक्षित निकाल ले गया। इसके बाद हरथला के आगे उसे उसकी बाइक देकर उतर गया और सीधा अपने घर चला आया। भीम ने पुलिस को बताया था कि गोली मारने वाले शूटर की जानकारी उसे नहीं है। इसके बारे में ललित कौशिक को ही पूरा पता है। ललित कौशिक ने ही शूटर को बाहर से बुलाया था। बता दें कि खुशवंत सिंह उर्फ भीम का लंबा आपराधिक इतिहास है। उत्तराखंड के हरिद्वार से वह आटोलिफ्टिंग में भी जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ विभिन्न संगीन अपराधों में 6 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बाद में पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटर केशव सरन शर्मा को अरेस्ट कर इस हत्याकांड की पूरी गुप्थी को सुलझाया था। केशव सरन शर्मा की गिनती बेहद खतरनाक शॉर्प शूटर्स में होती है। केशव सरन शर्मा रिश्ते में ललित कौशिक का साला लगता है।
आहूजा गुप के एमडी मनोज आहूजा को मारने के लिए ली थी एक करोड़ की सुपारी कुशांक गुप्ता की हत्या करने वाला ललित कौशिक का बेहद खास शूटर और उसका रिश्तेदार केशव सरन शर्मा पाकबड़ा के गांव गिंदौड़ा का रहने वाला है। मार्च 2019 में केशव सरन शर्मा ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की सुपारी ले ली थी। उसने एक करोड़ रुपए में मनोज आहूजा को मारने का कांट्रेक्ट लिया था। हालांकि तब पुलिस ने वक्त रहने मामला पकड़ में आने के बाद केशव और उसके 2 दोस्तों को अरेस्ट कर लिया था। केशव और उसके साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए ललित कौशिक ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। बात ये भी उठी थी कि इसके पीछे भी ललित कौशिक की शह थी लेकिन उस समय पुलिस रिकॉर्ड में ललित कौशिक का नाम नहीं आया था। इस मामले में जेल से छूटने के बाद केशव सरन शर्मा ने ललित कौशिक के कहने पर कुशांक गुप्ता को मार डाला। उसे भोजपुर के हिमांयूपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी अपनी बाइक पर बैठाकर घटनास्थल तक ले गया था। उसी ने उसे वारदात के बाद शहर से सेफ निकाला था।

रौतार विद्यालय में वार्षिकोत्सव:रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की छात्र-छात्राओं ने दी प्रस्तुति


निचलौल क्षेत्र के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय रौतार में गुरुवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने किया। बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। समारोह में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला अध्यक्ष बलराम निगम और राष्ट्रीय इंटरमीडिएट कॉलेज बाली के प्रबंधक सनत कुमार राहुल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमित पटेल, प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रेम किशन निषाद, सत्य प्रकाश मद्धेशिया, सुनीता और शिक्षक नेता शशि केस तिवारी ने किया।

बस्ती में विवादित जमीन पर कब्जे की कोशिश:पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी


बस्ती शहर के मालवीय रोड पर गुरुवार को एक विवादित भूमि पर फिर से कब्जे की कोशिश की गई। इस दौरान मौके पर एक ट्रॉली नई ईंटें गिराई गईं। विवादित भूमि पर दो पक्ष अपनी-अपनी दावेदारी सालों से करते आ रहे हैं। एक पक्ष ने दावा किया कि उनके पास सीमांकन के लिए हाईकोर्ट का आदेश है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। विवाद की स्थिति को देखते हुए किसी ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और रौता चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और सख्त हिदायत दी कि कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। मौके पर कुछ अधिवक्ता भी मौजूद थे। यह विवादित भूमि है जहां ‘तड़का रेस्टोरेंट’ संचालित होता है। कुछ माह पहले भी इस भूमि पर कब्जे को लेकर जमकर ईंट-पत्थर चले थे, जिसमें कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उस घटना के बाद तत्कालीन शहर कोतवाली और रौता चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया था। यह कार्रवाई डीआईजी द्वारा कराई गई जांच के बाद की गई थी।
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आईआरजीसी के नेवी चीफ की मौत, क्या खुल जाएगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग थमती नहीं दिख रही है। इज़रायली मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि बंदर अब्बास में एक अटैक में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर नेवी के चीफ अलीरेजा तंगसिरी की मौत हो गई है।

टाइम्स ऑफ इजरायल ने इज़रायली अधिकारी के हवाले से बताया कि एयर स्ट्राइक में अलीरेजा की मौत हो चुकी है। वह होर्मुज की खाड़ी को बंद करने के लिए जिम्मेदार थे। हालांकि अभी तक न तो इज़रायल और न ही ईरान ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी किया है।

यह भी पढ़ें: अचानक कांग्रेस से ऑफिस क्यों खाली करवा रही सरकार? नियम जान लीजिए

अमेरिका और इज़रायल के हर हमले का जवाब आईआरजीसी भी दे रहा है। मध्य पूर्व के अन्य देशों पर हमले की ख़ातिर भी यही सैन्य संगठन ज़िम्मेदार है। होर्मुज की खाड़ी बंद होने से दुनियाभर में ईंधन संकट गहराता जा रहा है।

यह भी पढ़ें: अगर अमेरिका ने हमला किया तो पाकिस्तान वैसा जवाब दे पाएगा जैसा ईरान दे रहा?

अमेरिका की पूरी कोशिश किसी भी तरह से होर्मुज की खाड़ी खुलवाना है। यहाँ से दुनिया भर का 20 फ़ीसद ईंधन का निर्यात होता है। कौन सा जहाज गुज़रेगा, इसे तय करने में ईरान की भूमिका सबसे अहम है। यही वजह है कि अमेरिका और इज़रायल के नजरिये से अलीरेजा की मौत होर्मुज की खाड़ी को खुलवाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

चैत्र नवरात्रि अष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़:श्रावस्ती के समय माता मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब


श्रावस्ती जनपद के इकौना तहसील क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध समय माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर गुरुवार को भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह से ही भक्तों का मंदिर परिसर में आना-जाना लगा रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की और मंदिर की परिक्रमा की। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा, जहां जयकारों और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। स्थानीय लोगों के अनुसार, समय माता मंदिर अत्यंत प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां श्रावस्ती के साथ-साथ बलरामपुर जनपद सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं यहां अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर में प्रत्येक सोमवार को भी नियमित रूप से बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। इसके अतिरिक्त, कई श्रद्धालु यहां कथा और भागवत महापुराण का आयोजन कर अपने परिवार व समाज की सुख-शांति की कामना करते हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मंदिर में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

थाना कठेला समय माता में नए आपराधिक साइबर सुरक्षा अभियान:मिशन शक्ति फेज 5.0 के द्वितीय चरण में लोगों को किया जागरूक।


सिद्धार्थनगर जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र में 25 मार्च 2026 को नए आपराधिक कानूनों और साइबर सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान मिशन शक्ति फेज 5.0 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित किया गया। ग्राम धोबहा में जन चौपाल लगाकर पुरुषों, महिलाओं और वयस्क बालिकाओं को जागरूक किया गया। अभियान से संबंधित पोस्टर भी सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए गए। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर चलाया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद का कुशल पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी का निर्देशन रहा। थाना कठेला समय माता के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार भी इस दौरान उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्घोष ‘नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन’ था। इसमें सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों, बाजारों और कोचिंग सेंटरों को असामाजिक तत्वों और मनचलों से मुक्त कराने पर जोर दिया गया। महिलाओं और बालिकाओं के साथ छेड़खानी, अभद्रता और अश्लीलता जैसी घटनाओं को रोकने के उपाय बताए गए। प्रशासन द्वारा जारी विभिन्न टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें 1090 (वुमन पावर हेल्पलाइन), 112 (पुलिस सहायता), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड केयर), 108 (एंबुलेंस), 102 (गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस सेवा), 101 (अग्नि मिशन), 1930 (साइबर हेल्पलाइन) और 14567 (एल्डर हेल्पलाइन) शामिल थे। इसके अतिरिक्त, थाने का सीयूजी नंबर 9454458050 और मिशन शक्ति केंद्र का सीयूजी नंबर 9454408325 भी साझा किए गए। अपराध प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस दौरान उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार प्रजापति, उप निरीक्षक आनंद कुमार, हे.का. कमलेश यादव, हे.का. विनीत शुक्ला, हे.का. पारस प्रसाद, का. दिलीप वर्मा, का. ज्योति पांडे, का. करिश्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।

निनौहनी में अज्ञात कारणों से लगी आग:घर का सामान जलकर राख, लाखों का नुकसान


बलरामपुर के हर्रैया सतघरवा थाना क्षेत्र के निनौहनी में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे चंद्रिका पुत्र स्वामीदयाल के फूस के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस अग्निकांड में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में घर के अंदर रखा गृहस्थी का सामान, बाहर खड़ी बाइक, पंपिंग सेट मशीन, पाइप, बेड और चौकी सहित सभी वस्तुएं आ गईं। गृहस्वामी के अनुसार, इस घटना में डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना के समय चंद्रिका का परिवार खेत में सरसों और मसूर की कटाई कर रहा था। अचानक आग की लपटें देखकर चंद्रिका घर की ओर दौड़े और मदद के लिए गुहार लगाई। उनकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने हैंडपंप और पास के सबमर्सिबल से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस अग्निकांड में चंद्रिका की गृहस्थी का सारा सामान और उनकी बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रिका के पिता स्वामीदयाल की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वे मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हल्का लेखपाल विनीत वर्मा ने बताया कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को भेजी जाएगी।

सिसवा में मिशन शक्ति के तहत जागरूकता अभियान:महिलाओं को बताए गए हेल्पलाइन नंबर, कुरीतियों के खिलाफ किया जागरूक


सिसवा में गुरुवार को कोठीभार पुलिस की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीम ने सिसवा क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान मिशन शक्ति फेज 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया। अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन, मंदिरों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 181, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘सखी-वन स्टॉप सेंटर’, ‘पॉक्सो एक्ट’ और ‘मिशन शक्ति’ से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूक किया गया। टीम ने जागरूकता बढ़ाने के लिए पंपलेट वितरित किए, जिनमें 1090, 1076, 181, 112 और 1930 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर शामिल थे। अभियान में महिला उपनिरीक्षक लकी पटेल, हेड कांस्टेबल पंकज कुमार और महिला कांस्टेबल विंध्यवासिनी शुक्ला ने सक्रिय भूमिका निभाई।

RSS काम कैसे करता है और अब इसमें क्या बदलने की तैयारी हो रही है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इन दिनों फिर से चर्चा में हैं। 100 साल से ज्यादा पुराना यह संगठन मौजूदा वक्त में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘दिमाग’ कहा जाता है। चर्चा है कि अब इसी दिमाग में सर्जरी होने वाली है। प्लान यह है कि RSS के सांगठनिक ढांचे में बदलाव किया जाए ताकि यह नए जमाने के हिसाब से काम कर सके। RSS के मुखिया मोहन भागवत ने सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार को अहमियत देने की बात भी कही है। यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर संघ के क्षेत्रों, प्रांतों और अन्य छोटी ईकाइयों की संख्या में बदलाव करने की तैयारी चल रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप भी दिया जा सकता है।

हाल ही में मोहन भागवत ने नागपुर में कहा था कि RSS को कई विभागों में बांटकर इसे डीसेंट्रलाइज किया जाएगा। अभी के 46 प्रांतों को 86 संभागों में बांटा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि संघ के काम करने के तरीके में बदलाव नहीं आएगा। RSS का लक्ष्य है कि ज्यादा लोगों को शाखा जोड़ने के लिए संगठन को अलग तरीके से ढाला जाए और जिम्मेदारी बांटी जाए। इसके लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स से भी बातचीत की जा रही है और सोशल मीडिया के लिए कॉन्टेंट बनाए जा रहे हैं।

क्या है RSS का मकसद?

पिछले साल 100 साल पूरे करने वाला यह संगठन स्वयंसेवकों के सहारे चलता है। हिंदुत्व की विचारधारा पर चलने वाले इस सगंठन का मकसद समाज में जागरूकता और चेतना पैदा करना है ताकि हिंदू समाज के लोग एकजुट रहें और उन्हें कोई नुकसान न पहुंचा सके। RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का कहना था कि संघ का अंतिम मकसद देश के युवाओं के मस्तिष्क को ऐसी दिशा में मोड़ना है जिससे वे अपना पूरा जीवन हिंदू समाज के प्रति समर्पित कर दें क्योंकि बिना उनके देश को नहीं बदला जा सकता है।

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बिना किसी रजिस्ट्रेशन के ही कोई भी शख्स स्वयंसेवक बन सकता है। RSS का मानना है कि कोई भी व्यक्ति एक बार शाखा में आ गया तो वह स्वयंसेवक माना जाता है। इन शाखाओं में स्वयंसेवकों को वैचारिक स्तर पर मजबूत बनाया जाता है और शारीरिक कौशलों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस तरह की 88 हजार से ज्यादा शाखाएं पूरे देश में लगती हैं। बीते कुछ सालों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है और बढ़ती जा रही है।

संगठन कैसे काम करता है?

RSS की शुरुआती ईकाई शाखा ही होती है। शाखा में आने वाले लोग स्वयंसेवक कहलाते हैं। इन्हीं में से मुख्य शिक्षक और शाखा कार्यवाह जैसे लोग बनाए जाते हैं। इसके अलावा, बड़ी शाखाओं में गण शिखक और गटनायक भी होते हैं। ये दैनिक शाखाएं के मंडल फिर खंड और फिर जिले से जुड़ी होती हैं। जिले के स्तर पर एक जिला प्रचारक होता है जो पूरे जिले में संघ का मुखिया होता है। RSS में एक शर्त है कि अगर आपको जिला प्रचारक या उससे ऊपर के किसी पद पर जाना है तो आपको आजीवन अविवाहित रहना होगा। इसका लक्ष्य है कि आपको पारिवारिक सुख छोड़कर देश सेवा में खुद को झोंकना होगा।

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अब अगर संघ को ऊपर से देखें तो सबसे बड़ा पद सरसंघचालक का होता है। मोहन भागवत लंबे समय से इसी पद पर हैं। सरसंघचालक के बाद सरकार्यवाह होते हैं। संघ का रोजाना का काम सरकार्यवाह ही देखते हैं। मौजूदा वक्त में दत्तात्रेय होसबाले इस पद पर हैं। खुद मोहन भागवत भी कहते हैं कि वह भी वही करते हैं तो दत्तात्रेय होसबाले यानी सरकार्यवाह उन्हें कहते हैं। इन दोनों के अलावा सह-सरकार्यवाह भी होती हैं। इस पद पर एक समय पर एक से ज्यादा लोग भी हो सकते हैं।

क्या बदलने की तैयारी है?

एक संघ को सबसे पहले 11 क्षेत्रों में बांटा गया है। इसी की संख्या 9 करने की तैयारी है। क्षेत्र के बाद आते हैं प्रांत। भले ही देश में 28 राज्य हैं लेकिन RSS ने 46 प्रांत बना रखे हैं। इसकी वजह है कि बड़े राज्यों में कई प्रांत बनाए गए हैं। इनके मुखिया प्रांत प्रचारक होते हैं।

अब संघ प्रांत की जगह संभाग बनाए जाएंगे और इनकी संख्या भी 46 से बढ़ाकर 85 तक की जा सकती है। क्षेत्र और संभाग के बीच प्रदेश स्तर पर भी ईकाई बनाने की तैयारी है लेकिन अभी इसकी संख्या तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि यह संख्या राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या के हिसाब से हो सकती है। इस बदलाव के बाद राज्यों का मुखिया राज्य प्रचार को बनाया जा सकता है।

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इस स्थिति में क्षेत्र प्रचारक के बाद, राज्य प्रचारक, फिर संभाग प्रचारक और फिर जिला प्रचारक आएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग विभाग होते हैं जिनके प्रमुख बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए- प्रचार प्रमुख, सेवा प्रमुख, शारीरिक प्रमुख, बौद्धिक प्रमुख, व्यवस्था प्रमुख, संपर्क प्रमुख, प्रचारक प्रमुख आदि।

प्रशिक्षण कैसे होता है?

RSS में समय-समय पर प्राथमिक स्तर से लेकर प्रचारकों तक का प्रशिक्षण होता रहा है। पहली कैंप सिर्फ 7 दिनों का होता है। इसे इनीशियल ट्रेनिंग कैंप यानी ITC कहा जाता है। यह ट्रेनिंग ले चुके लोग कुछ समय के बाद संघ शिक्षा वर्ग यानी 20 दिन की ट्रेनिंग में जाते हैं। फिर 20 दिन की संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय और 25 दिन का संघ शिक्षा वर्ग तृतीय होता है।

अब वे भी दे पाएंगे TET-2026 परीक्षा, UPESSC ने किए तीन बड़े बदलाव

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के करीब 50 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने मंगलवार को U.P. TET-2026 की नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में तीन बड़े संशोधन कर दिए हैं। अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता न होने वाले शिक्षक भी परीक्षा दे सकेंगे।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने मंगलवार को टीईटी-2026 की नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में तीन महत्वपूर्ण बदलाव कर दिए हैं। इन बदलावों से प्रदेश के लगभग 50 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो पहले न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता न होने के कारण टीईटी परीक्षा नहीं दे पा रहे थे। अब उन्हें भी परीक्षा देने की अनुमति मिल गई है।

आयोग ने यह भी तय किया है कि बीएड या बीटीसी कर रहे छात्र अब टीईटी परीक्षा दे सकेंगे। हालांकि बीएड पास अभ्यर्थियों को केवल उच्च प्राथमिक विद्यालय यानी कक्षा 6 से 8 तक की टीईटी परीक्षा देने की अनुमति दी गई है।

आयोग ने 20 मार्च को टीईटी-2026 का कार्यक्रम घोषित किया था। यह परीक्षा चार साल बाद प्रदेश में हो रही है। इस बार 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इनमें प्रदेश के 1.86 लाख ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। सितंबर 2027 से पहले यदि इन शिक्षकों ने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। UPESSC के इस फैसले से उन हजारों शिक्षकों को राहत मिली है जो सालों से इस परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे।

गोरखपुर RPF और डॉक्टरों की टीम ने कराई सफल डिलीवरी, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित

गोरखपुर: रेलवे स्टेशन पर एक भावुक घटना ने सबको चौंका दिया। गाड़ी संख्या 15532 (समस्तीपुर-खगड़िया एक्सप्रेस) के जनरल कोच में एक गर्भवती महिला ने अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बच्चे को जन्म दे दिया।

महिला की पहचान मशर्रत परवीन (बिहार के समस्तीपुर जिले के सलाह बुजुर्ग गांव निवासी) के रूप में हुई है। वह ठंडरीकलां से खगड़िया जा रही थीं। ट्रेन गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची ही थी कि महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

RPF और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही गोरखपुर RPF (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) की टीम और रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों की टीम तुरंत ट्रेन में पहुंची। उन्होंने चलती ट्रेन में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। नवजात शिशु और मां दोनों को ट्रेन से उतारकर गोरखपुर रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

RPF अधिकारियों ने बताया कि महिला की स्थिति देखते हुए तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया गया। डॉक्टरों और RPF कर्मियों की तालमेल से दोनों की जान बच गई।

परिवार का आभार
मशर्रत परवीन के परिजनों ने RPF और रेलवे डॉक्टरों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अगर RPF और डॉक्टरों की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

रेलवे का बयान
गोरखपुर रेलवे डिवीजन के अधिकारियों ने कहा कि ऐसी आपातकालीन स्थितियों में RPF और मेडिकल स्टाफ की त्वरित प्रतिक्रिया हमेशा सुनिश्चित की जाती है। इस घटना में भी टीम ने बेहतरीन कार्य किया।

यह घटना गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हाल के वर्षों में हुई दूसरी ऐसी घटना है, जिसमें चलती ट्रेन में सफल डिलीवरी हुई है।

वर्तमान स्थिति:
– मां और नवजात शिशु दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
– दोनों को गोरखपुर अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।
– महिला को आगे के इलाज के बाद घर भेजा जाएगा।