बस्ती में मिशन शक्ति 5.0 के दूसरे चरण के तहत महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्यरत महिलाओं को जागरूक किया। इस दौरान दुकानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक स्थलों पर महिलाओं को पंपलेट वितरित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के प्रकार, उसकी पहचान और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और बताया गया कि किसी भी उत्पीड़न की स्थिति में वे निडर होकर शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उन्हें हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का लक्ष्य महिलाओं को आत्मविश्वासी बनाना और उनके लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं और कानूनी सहायता लें। इस अभियान के प्रति महिलाओं में उत्साह देखा गया और उन्होंने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की।
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मिशन शक्ति 5.0 अभियान तेज:शहर में महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम
इकौना में डिब्बों में तेल पर रोक से भड़के किसान:NH-730 पर लगाया जाम, कृषि कार्य प्रभावित
श्रावस्ती के इकौना क्षेत्र में गुरुवार को किसानों ने नेशनल हाईवे-730 पर जाम लगा दिया। यह विरोध प्रदर्शन पेट्रोल पंपों पर डिब्बे या जरिकेन में तेल न देने के प्रशासनिक आदेश के खिलाफ किया गया। सुबह पेट्रोल पंप खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में किसान डिब्बे लेकर पहुंच गए थे। हालांकि, प्रशासन के सख्त निर्देशों के कारण पंप संचालक ने डिब्बों में तेल देने से इनकार कर दिया। पंप संचालक सत्य वर्धन गोयल ने भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व्यवस्था होने के बाद ही तेल वितरण की बात कही। इससे नाराज किसानों ने नेशनल हाईवे-730 पर बैरिकेडिंग कर दी, जिससे आवागमन बाधित हो गया और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। प्रशासन ने पहले ही डिब्बे और जरिकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा रखी है, जिसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। राजू,रमेश कुमार, नूर मोहम्मद सद्दाम का कहना है कि डिब्बे में तेल न मिलने से उनके कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पंपिंग सेट और अन्य कृषि उपकरणों के लिए तेल कैसे प्राप्त किया जाए।
बढ़नी में गन्ना किसान मेला आयोजित:विशेषज्ञों ने 2025-26 फसल के लिए उन्नत खेती और बीज बदलाव पर जानकारी दी
तुलसियापुर में सहकारी गन्ना विकास समिति बढ़नी परिसर में 2025-26 फसल वर्ष के लिए एक दिवसीय किसान मेला और गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंत कालीन गन्ना बुवाई के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने उन्नत खेती के तरीकों और बीज बदलाव के महत्व पर जोर दिया। गोष्ठी की अध्यक्षता गन्ना शोध संस्थान, सेवरही के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार मिश्रा ने की। डॉ. मिश्रा ने किसानों से पुराने बीजों के स्थान पर नई स्वीकृत प्रजातियों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि कई नई प्रजातियां बेहतर पैदावार देने में सक्षम हैं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धर्मेंद्र ने गन्ने में लगने वाले लाल सड़न (रेड रॉट) रोग और अन्य कीटों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
श्यामदेउरवा में दहेज प्रताड़ना का मामला:महिला ने मारपीट और घर से निकालने का आरोप, पति समेत तीन पर केस दर्ज
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के रामपुर चकिया निवासी नेहा शर्मा ने अपने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। नेहा ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी तीन वर्ष पूर्व राजकुमार शर्मा से हुई थी, जिसमें उनके परिजनों ने 50,000 रुपये दहेज दिया था। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके पति राजकुमार शर्मा, सास विमला देवी और ससुर जोगिन्दर शर्मा उनसे मोटरसाइकिल और अंगूठी की मांग करने लगे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर तीनों नेहा को गालियां देते और लात-घूसों से मारते-पीटते थे। बीते 15 मार्च 2026 को रात करीब 9 बजे, इन सभी ने मिलकर नेहा को भद्दी गालियां दीं और लाठी-डंडों व लात-घूसों से बुरी तरह पीटा। मारपीट के बाद नेहा को घर से बाहर निकाल दिया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि वह अपने मायके से मोटरसाइकिल और अंगूठी लेकर नहीं आती है, तो उसे घर में नहीं रहने दिया जाएगा और जान से मार दिया जाएगा। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि नेहा की तहरीर पर पति राजकुमार शर्मा, सास विमला देवी और ससुर जोगिन्दर शर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सप्लीमेंट्स नहीं, रोज का खाना ही पूरा करेगा विटामिन B6 की कमी
आजकल जब कमजोरी और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो लोग तुरंत दवाइयों और सप्लीमेंट्स की ओर भागते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व आपकी रोज की थाली में ही मौजूद होते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण विटामिन है विटामिन बी6, जिसकी कमी को पूरा करने के लिए सिर्फ दवा नहीं बल्कि सही आहार ही काफी है।
विटामिन बी6 शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल भोजन को ऊर्जा में बदलता है बल्कि दिमाग को स्वस्थ रखने, मूड बेहतर करने और इम्यूनिटी मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लोग अक्सर इसकी कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जो हर बार जरूरी नहीं होता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक, विटामिन बी6 शरीर में 100 से अधिक एंजाइमिक प्रतिक्रियाओं के लिए अहम है, जिसमें अमीनो एसिड और हीमोग्लोबिन का निर्माण शामिल है। इसलिए शरीर की कमजोरी, डिप्रेशन और लो हीमोग्लोबिन से लड़ने के लिए विटामिन बी6 बेहद जरूरी है।
अब सवाल उठता है कि विटामिन बी6 किस प्रकार के भोजन से मिल सकता है। हमारे रोजमर्रा के भोजन जैसे चना, चिकन, केले, आलू और टमाटर का सूप खाने से शरीर को विटामिन बी6 मिलता है। अब सवाल उठता है कि इन फलों और सब्जियों को हर दिन कितनी मात्रा में खाना चाहिए ताकि हम संतुलित मात्रा में विटामिन की पूर्ति कर सकें।
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कौन से आहार खाने से मिलता है विटामिन बी6?
केला- एक सामान्य आकार का केला रोज एक बार खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा केला खाने से शरीर को विटामिन C और पोटेशियम भी मिलता है। केले को नाश्ते से 2 घंटे पहले खाना सही माना जाता है।
आलू- लगभग एक कप उबले हुए आलू खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। आलू से पोटैशियम, विटामिन C और फाइबर भी मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलू के छिलकों में भी विटामिन और फाइबर होता है। इसलिए आलू को अच्छी तरह धोकर उबालना चाहिए। उबले हुए आलू खाने से ही विटामिन मिलता है क्योंकि तले हुए आलू में विटामिन नष्ट हो जाते हैं।
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चिकन- 85 ग्राम चिकन ब्रेस्ट खाने से करीब 0.5 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चिकन पकाते समय ध्यान रखें कि इसे उबालकर या भाप में पकाया जाए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें।
टमाटर- एक कप टमाटर का सूप पीने से लगभग 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा इसमें विटामिन A, विटामिन C और पोटैशियम भी होता है, जो दिल और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
चना – दिनभर में आधा कप चना खाने से करीब 0.55 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चना खाने से शरीर को पोटैशियम भी मिलता है। विटामिन बी6 की कमी से जूझ रहे लोगों को ऐसे आहार जरूर खाने चाहिए।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के शोध के मुताबिक हर व्यक्ति को अपनी उम्र के हिसाब से विटामिन बी6 युक्त आहार लेना चाहिए। 19 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोजाना 1.3 मिलीग्राम विटामिन बी6 का सेवन करना चाहिए।
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विटामिन बी6 के फायदे
विटामिन युक्त आहार खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
हीमोग्लोबिन बनना- विटामिन बी6 हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जिससे व्यक्तियों को एनीमिया का खतरा कम हो जाता है।
स्वस्थ हृदय– यह शरीर के खून में पाए जाने वाले अमीनो एसिड यानी होमोसिस्टीन की मात्रा कम करता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।
स्वस्थ त्वचा – विटामिन बी6 युक्त आहार खाने से त्वचा स्वस्थ रहती है।
स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य – विटामिन बी6 शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर ( chemical messenger) बनाने में अहम भूमिका निभाता है। न्यूरोट्रांसमीटर से दिमाग तेजी से काम करता है।
विटामिन बी6 की कमी के लक्षण
जिन लोगों के शरीर में विटामिन बी6 की कमी होती है उनमें कई लक्षण दिखाई देते हैं।
मानसिक तनाव -डिप्रेशन, चिंता और चिड़चिड़ापन विटामिन की कमी के कारण हो सकते हैं।
खराब स्किन -विटामिन बी6 त्वचा की चमक बनाए रखने में मदद करता है, इसकी कमी से स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।
कमजोरी – इसकी कमी से शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होती है।
होठ फटना -विटामिन की कमी से होंठ फटना और टैनिंग जैसी समस्या हो सकती है।
विटामिन बी6 की कमी से होने वाली बीमारियां
विटामिन बी6 की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया।
हीमोग्लोबिन की कमी – विटामिन बी6 की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे थकान और कमजोरी होती है।
डिप्रेशन – इसकी कमी से मानसिक स्थिति प्रभावित होती है और डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।
बस्ती में हाईटेंशन तार से झुलसकर युवक की मौत:नटौवा में मकान बनवाते समय हादसा, कार्रवाई न होने तक परिजनों का पोस्टमार्टम से इनकार
बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के नटौवा गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। युवक अपने मकान का निर्माण करा रहा था, तभी वह 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आ गया। मृतक की पहचान नटौवा गांव निवासी श्रीकांत शुक्ल (पुत्र जानकी शरण) के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल सीएचसी विक्रमजोत ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। छावनी पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विद्युतीकरण के दौरान ठेकेदारों ने 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन आबादी के बीच से गुजारी थी। इसी लाइन के समानांतर एलटी लाइन भी बिछाई गई है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इस संबंध में हरैया के अधिशाषी अभियंता अजय मौर्य ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बस्ती में कई पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म:घंटों लाइन में लग रहे लोग, कई जगह रात से ही खत्म हो गया स्टॉक
बस्ती जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत सामने आई है। शहर के कई पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं है, जबकि जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल है। लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में मालवीय रोड स्थित सरस्वती पेट्रोल पंप पूरी तरह खाली पाया गया। यहां पेट्रोल और डीजल दोनों समाप्त हो चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को निराश होकर लौटना पड़ा। पंप प्रबंधक जगदीश राव ने बताया कि बुधवार रात को ही स्टॉक खत्म हो गया था। नए टैंकर के लिए ऑर्डर दे दिया गया है और उसके पहुंचते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी बाग स्थित आरकेबीके पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने के लिए भारी भीड़ देखी गई। इस पंप पर डीजल पूरी तरह समाप्त हो चुका है और केवल पेट्रोल की आपूर्ति जारी है। पंप प्रबंधक भानु प्रताप पांडे ने बताया कि हाल ही में टैंकर आया था, लेकिन अत्यधिक मांग के कारण डीजल जल्द खत्म हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि स्टॉक का आकलन अब घंटों के हिसाब से किया जा रहा है, न कि दिनों के हिसाब से। इसके अतिरिक्त, मालवीय रोड पर स्थित नवयुग पेट्रोल पंप भी पूरी तरह से ड्राई हो गया है, ग्रामीण क्षेत्र के भी पंप ज्यादातर ड्राई हो गए हैं। लगातार बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण जिले में स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को रोका
तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी ईरान और अमेरिका-इजराइल सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के कराची की ओर जा रहे एक जहाज को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने से रोक दिया।
आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने बताया कि ‘सेलेन’ नामक इस जहाज के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की आवश्यक अनुमति नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्रीय संघर्ष में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत कर हालात को शांत करने के प्रयास किए थे। इसके बावजूद समुद्री गतिविधियों पर ईरान का कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि वह अपनी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत के लिए राहत की खबर यह है कि अब तक उसके पांच एलपीजी और तेल टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाजों में ‘जग वसंत’, ‘पाइन गैस’, ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ शामिल हैं। यह घटनाक्रम भारत के ऊर्जा आपूर्ति तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है।
मिशन शक्ति टीम एवं एंटी रोमियो टीम थाना गैडास बुजुर्ग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गैंडास बुजुर्ग में *बच्चियों द्वारा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ शीर्षक पर आधारित लघु नाटक किया गया तथा खो -खो की खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराकर जागरुक किया गया।*
*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विकास कुमार* के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी उतरौला श्री राघवेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष श्री राजीव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, गैडास बुजुर्ग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा *“बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ”* विषय पर लघु नाटक प्रस्तुत किया गया तथा खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम प्रभारी उ0नि0 रविन्द्र नाथ यादव, का0 अनिल कुमार एवं महिला आरक्षी गरिमा सिंह द्वारा छात्राओं को महिला सुरक्षा, महिला हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न एवं साइबर अपराधों (OTP शेयरिंग, फ्रॉड कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी आदि) से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर—1090, 112, 102/108, 181, 1930/155260 एवं 1076—की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन स्वाति पांडे एवं रेखा देवी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।
*बलरामपुर पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।*
अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा भुर्जी समाज देवीपाटन मंदिर पैदल यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत लिया गया जायजा
*अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विशाल पाण्डेय* द्वारा भुर्जी समाज देवीपाटन मंदिर पैदल यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सिसई घाट पर उनके रूकने व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

इस दौरान महोदय द्वारा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की सतर्कता का अवलोकन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ड्यूटी में लगे समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्रीमती ज्योति श्री, प्रभारी निरीक्षक थाना को0 देहात श्री गिरिजेश तिवारी व अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
सीनेट में टकराव, ट्रंप से जुड़ी जांच को रिपब्लिकन नेताओं ने मॉडर्न वॉटरगेट करार दिया
वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच को लेकर राजनीतिक टकराव हो गया। रिपब्लिकन नेताओं ने इस जांच को मॉडर्न वॉटरगेट करार देते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट की ज्यूडिशियरी सबकमेटी की एक बैठक के दौरान टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जस्टिस डिपार्टमेंट ने बेहद व्यापक जांच की अनुमति दी थी जिसमें करीब एक लाख निजी संचार तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि इस जांच का असर एक दर्जन से ज्यादा सीनेटरों और हजारों लोगों की निजी जिंदगी पर पड़ा। क्रूज ने कहा कि यह एक मॉडर्न वॉटरगेट है और दावा किया कि यह पहले के घोटालों से भी आगे है, क्योंकि इसे सरकारी शक्तियों के तहत पूरी तरह अधिकृत और लागू किया गया।
रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया कि इस जांच के तहत करीब 200 कानूनी नोटिस जारी किए गए, जिनमें 400 से ज्यादा रिपब्लिकन समर्थित व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाया गया। इनमें राजनीतिक समूह, डोनर, वकील और ट्रंप से जुड़े कैंपेन और अन्य संगठन शामिल बताए गए।
सीनेटर माइक ली ने इसे चौंकाने वाली घटना बताया, जबकि जॉन केनेडी ने सवाल उठाया कि टेलीकॉम कंपनियों ने इन आदेशों का पालन क्यों किया। क्रूज ने आरोप लगाया कि एफबीआई ने फोन टोल रिकॉर्ड्स हासिल किए जिनमें कई प्रतिनिधियों के डेटा भी शामिल थे। उनके मुताबिक, सीनेट के करीब 20 फीसदी रिपब्लिकन सदस्यों का डेटा इकट्ठा किया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व दखल बताया।
वहीं डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। रोड आइलैंड के सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा कि फोन रिकॉर्ड के लिए सबपोएना जारी करना किसी भी जांच का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि लगभग हर जांच में टोल रिकॉर्ड्स के लिए सबपोएना लिया जाता है।
व्हाइटहाउस ने यह भी कहा कि काश पटेल और सुसी वाइल्स जैसे लोग जांच के लिए प्रासंगिक थे। काश पटेल खुद फैक्ट विटनेस बन चुके थे, जबकि वाइल्स का जिक्र ट्रंप से जुड़े क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट केस में भी हुआ था। डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन से मांग की कि वे स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ को गवाही के लिए बुलाएं। व्हाइटहाउस ने कहा उन्हें क्यों नहीं बुलाते? सीधे उनसे ही सुन लेते हैं।
एक अन्य डेमोक्रेटिक सीनेटर ने इस सुनवाई को बेबुनियाद राजनीतिक अभियान बताया, जबकि हवाई की सीनेटर मेजी हिरोनो ने कहा कि रिपब्लिकन पुराने मुद्दों को फिर से उछाल रहे हैं। इस बीच, गवाह के तौर पर पेश हुए पूर्व एफबीआई अधिकारी क्रिस्टोफर ओ’लेरी ने एजेंसी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई की जांच तथ्यों, खुफिया जानकारी और सबूतों पर आधारित होती है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा पर। ओ’लेरी ने यह भी चेतावनी दी कि हाल के समय में एफबीआई कर्मचारियों की बर्खास्तगी से राष्ट्रीय सुरक्षा, खासकर काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस को पीढ़ीगत नुकसान पहुंचा है।
जंग रुकेगी या नहीं, इस सवाल का सबसे बड़ा रहस्य है शर्तों में
ईरान|खाडी युद्ध पर लिखने के लिए कुछ भी नया नही है सिवाय इसके कि जंग कब रुकेगी और किसकी शर्तों पर रुकेगी? अमेरिका एकतरफा पांच दिवसीय युद्ध विराम का ऐलान कर चुका है जबकि ईरान ने सशर्त युद्ध विराम की बात कही है.युद्ध की वजह से शिकार और शिकारी ही नहीं अडोसी-पडौसी भी हलाककान हैं|
इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ छेडी गई जंग खरामा-खरामा एक महीने की होने वाली है. 27 दिन तो पूरे हो ही गए हैं, किंतु युद्ध समाप्त होना तो दूर अभी इसमें विराम भी लगता नहीं दिखाई दे रहा.दोनों ओर से जंग जारी है.खाडी में जंग कोई नयी बात नही है, लेकिन ये पहली बार हुआ है कि किसी मुल्क ने पारंपरिक हथियारों के साथ ही भूगोल का इस्तेमाल भी हथियार के रूप में किया है. होर्मुज नाम के इस हथियार ने हमलावर मुल्कों के साथ ही हमलावरों के शुभचिंतक तमाम मुल्कों की नींद हराम कर दी है|
ईरान को सबक सिखाने के लिए किए गए हमले से पहले हमलावरों को ये उम्मीद न थी कि ईरान इतने दिन युद्ध में टिक पाएगा. ईरान ने हमलावरैं के तमाम अनुमान गलत साबित कर दिए और युद्ध को चौथे सप्ताह तक खींच दिया. हमलावरों को यकीन था कि ईरान अयातुलल्लाह खोमेनी की हत्या के बाद पस्त होकर समर्पण कर देगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. ईरान में सत्ता का परिवर्तन भी नही हुआ और ईरान घुटनों के बल बैठा भी नहीं. ईरान लगातार लड रह है|
ये पहली बार हुआ है कि हमलावरों ने अपनी ओर से युद्धविराम का ऐलान किया है अन्यथा युद्धविराम का सफेद परचम तो हमेशा पीडित मुल्क की ओर से दिखाया जाता है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम की पेशकश के जबाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ‘कई दिनों से अमेरिका ने अलग-अलग मध्यस्थों के ज़रिए संदेश भेजना शुरू कर दिया है.’अराग़ची ने ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है.उनका कहना है कि ये संदेश “मित्रवत देशों के ज़रिए भेजे गए”, और ईरान ने अपनी “स्थिति बताई है और चेतावनी देकर” इसका जवाब दिया है|
अराग़ची ने कहा, “यह न तो बातचीत है, न मोल-भाव और न ही ऐसा कुछ है.”उन्होंने कहा, “ईरान की नीति अब भी अपनी सुरक्षा करने की है और ‘’अभी बातचीत का कोई इरादा नहीं’ है.”अराग़ची ने आगे कहा, “यह इसराइल की लड़ाई है और अमेरिका के साथ ही इस इलाक़े के लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं|”
सब जानते हैं कि हर जंग का नतीजा विनास और बाद में युद्धविराम होता है. ब देखना ये है कि युद्धवाराम किस की शर्तों पर होता है. अमेरिका ने एक तरफ युद्ध विराम की पेशकश की है और दूसरी तरफ 7 हजार अतिरिक्त सैनिक भी ईरान के आसपास उतार दिए हैं, इससे ईरान को अमेरिका की पेशकश संदिग्ध लग रही है. अमेरिका बातचीत के लिए जिन मुल्कों को मध्यस्थ बनाना चाहता है उनकी कोई हैसियत नहीं है.बिना पंचों के बातचीत कैसे शुरू होगी?
इस युद्ध में हालांकि अभी तक परमाणु बम का इस्तेमाल नही हुआ है लेकिन खाडी का तेल ही आधी दुनिया का तेल निकाले दे रहा है. 146 करोड की आबादी के भारत समेत तमाम देशों का तेल निकलने लगा है.नौबत ऊर्जा आपातकाल लागू होने तक की आ गई है.चीन और रूस इस जंग में फायदे में हैं वे मूक दर्शक भी हैं और नहीं भी. दोनों बीच -बीच में घुडकी देते रहते हैं
बहरहाल दुनिया की नजर है इस खाडी जंग पर. ये जंग भी वियतनाम और अफगानिस्तान की जंग की तरह समाप्त होगी. खाडी की जंग रूस और यूक्रेन की जंग नहीं है जो चार साल तक खिंच जाए. यदि खाडी जंग चार महिने भी खिंच गई तो आधी दुनिया का अर्थशास्त्र चौपट हो जाएगा|
CGTN सर्वे: नेटिजनों ने चीन के औद्योगिक नवाचार को सराहा
चीन। वर्ष 2026 चोंगुक्वानछुन मंच का वार्षिक सम्मेलन बुधवार को पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। यह मंच चीन की वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति की स्थिति को जानने की अहम खिड़की माना जाता है।चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा वैश्विक नेटिजनों के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि सृजन से केंद्रित वैज्ञानिक व तकनीकी स्पर्द्धा चतुर्मुखी राष्ट्रीय शक्ति की स्पर्द्धा का फोकस है।वर्ष 2007 में स्थापित इस मंच का शाश्वत मुख्य विषय सृजन और विकास है ।इस साल के सम्मेलन में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के करीब एक हजार अतिथि इस में भाग ले रहे हैं ।सीजीटीएन के इस सर्वे के परिणामों से जाहिर है कि 84.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का विचार है कि चोंगक्वानछुन मंच विश्व के वैज्ञानिकों ,उद्यमियों और निवेशकों के लिए आदान-प्रदान का मंच है। 89.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि यह मंच न सिर्फ चीनी वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को दिखाने का मंच है ,बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक व तकनीकी शासन में चीन की भागीदारी की अहम खिड़की है। अगले पाँच वर्षों में चीन के पूरे समाज के अनुसंधान और विकास का खर्च प्रति साल 7 प्रतिशत से बढ़ जाएगा ।वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार चीनी आधुनिकीकरण के केंद्रीय स्थान पर रखा गया है ।इस सर्वे में 92.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने विश्वास जताया कि चीन संसाधन एकत्र कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तकनीकी चुनौतियों को दूर कर सकता है। 84.1 प्रतिशत लोगों का विचार है कि चीन की विशाल आबादी और विशाल बाजार वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को वास्तविक प्रयोग में लाने के लिए स्थिति तैयार करेगा ।इसके अलावा इस सर्वे में 84.9 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार में जिस तरह के खुलेपन,सहयोग और साझी जीत का रुख अपनाता है ,वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अधिक मौके प्रदान करेगा।

























