खेसरहा विकास खंड की ग्राम पंचायत गुलरिहा में बिजली व्यवस्था ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मरवटिया महुलानी पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले इस गांव में आज भी 11 हजार वोल्ट की लाइन नंगे तारों के माध्यम से संचालित की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने आसपास के कई गांवों में पुराने तारों को बदलकर सुरक्षित केबलयुक्त लाइन बिछा दी है, लेकिन गुलरिहा गांव अब भी पुरानी व्यवस्था पर निर्भर है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में एलटी लाइन भी काफी पुरानी हो चुकी है। कई स्थानों पर विद्युत तार घरों की छतों और दीवारों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। बरसात और तेज हवा के दौरान तारों के टूटने अथवा आपस में टकराने का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गांव निवासी राम अजोर ने बताया कि वर्षों से गांव में पुराने नंगे तारों के सहारे बिजली सप्लाई की जा रही है। वहीं भोला यादव ने कहा कि आसपास के कई गांवों में केबलयुक्त लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन गुलरिहा की लगातार अनदेखी की जा रही है। समय रहते व्यवस्था नहीं बदली गई तो दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। सुरेश ने बताया कि बरसात के दिनों में पेड़-पौधों के तारों के संपर्क में आने से अक्सर बिजली सप्लाई ठप हो जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं सुदामा ने कहा कि बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण हमेशा चिंतित रहते हैं। उन्होंने विभाग से जल्द सुरक्षित तार बिछाने की मांग की है। वहीं, मरवटिया महुलानी पावर हाउस के जूनियर इंजिनियर राजकुमार ने बताया कि गांव में लाइन से संबंधित शिकायत और आवश्यकता का परीक्षण कराया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
गुलरिहा में पुराने नंगे तार बने खतरा:केबलयुक्त लाइन बिछाने की मांग, बारिश में बढ़ी हादसे की आशंका
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