Homeमुंबई (Mumbai)महाराष्ट्र में एक हज़ार रोज़गार मेले लगेंगे – मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

महाराष्ट्र में एक हज़ार रोज़गार मेले लगेंगे – मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

राज्य में युवाओं को ज़्यादा से ज़्यादा रोज़गार के मौके देने के लिए, स्किल, रोज़गार, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन डिपार्टमेंट की तरफ़ से 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 के बीच एक हज़ार रोज़गार मेले लगाए जाएँगे। स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मिनिस्टर मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि इन रोज़गार मेलों की पूरी जानकारी ज़रूरतमंद युवाओं तक पहुँचाने के लिए समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर काम करना ज़रूरी है।(One thousand job fairs to be organised in Maharashtra says Minister Mangalprabhat Lodha)

स्किल, रोज़गार, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन मिनिस्टर मंगलप्रभात लोढ़ा की अध्यक्षता में मिनिस्ट्री में स्टेट लेवल रोज़गार मेला कमेटी की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में स्टेट लेवल एम्प्लॉयमेंट फेयर के चेयरमैन डॉ. रंजीत पाटिल, मेंबर डॉ. सरोजिनी राउत, रवींद्र देशपांडे, विशाल टिबरेवाल, जयेश ढाके, राहुल खोले, मेंबर सेक्रेटरी और स्किल डेवलपमेंट, एम्प्लॉयमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप कमिश्नरेट के कमिश्नर डॉ. अमित सैनी के साथ सरकारी मेंबर मौजूद थे।

मिनिस्टर लोढ़ा ने कहा कि ITI के अलावा दूसरे कॉलेजों के स्टूडेंट्स, अपस्किलिंग की ज़रूरत वाले युवाओं और सोशल ऑर्गनाइज़ेशन से कॉन्टैक्ट किया जाए और एम्प्लॉयमेंट फेयर के पूरे प्रोग्राम का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, राज्य के हर जिले और तालुका में इसकी जानकारी दी जाएगी। युवाओं को एम्प्लॉयमेंट की इंपॉर्टेंस और सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के फायदों के बारे में समझाने के लिए एक्सपर्ट्स और NGOs के ज़रिए काउंसलिंग की जाएगी। पहले हफ्ते में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, एटिकेट (शिष्टाचार), बायोडाटा तैयार करने और कम्युनिकेशन स्किल्स पर ज़ोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे हफ्ते में स्टूडेंट्स के एप्टीट्यूड टेस्ट के हिसाब से इलेक्ट्रिसिटी, प्लंबिंग, रिसेप्शनिस्ट और मार्केटिंग जैसे एरिया में लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिए जाएंगे।

मंत्री लोढ़ा ने कहा कि सिर्फ़ जॉब फेयर लगाने के बजाय कैंडिडेट्स को प्री-ट्रेनिंग देना बहुत ज़रूरी है। जॉब फेयर से पहले कैंडिडेट्स को दो हफ़्ते की स्किल और प्री-एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। अगर कैंडिडेट्स को सही गाइडेंस और ट्रेनिंग मिले, तो मेलों में सिलेक्शन रेट काफ़ी बढ़ जाएगा। इस पहल की प्लानिंग और इम्प्लीमेंटेशन के लिए संबंधित डिपार्टमेंट्स और रीजनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के अधिकारियों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। आइए, कोऑर्डिनेशन कमेटी और डिपार्टमेंटल अधिकारियों की जॉइंट मीटिंग करके मेलों को सफल बनाएं। समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ाकर रोज़गार पैदा करने की प्रक्रिया को और ज़्यादा बड़ा और असरदार बनाने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए। कमेटी के सभी सदस्य इस अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और युवाओं को रोज़गार के मौके दें।

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