#बस्ती_न्यूज
दुबौलिया थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बरामद करने के बाद बिना मेडिकल परीक्षण, काउंसलिंग और बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किए उसकी मां को सौंप दिया। इस मामले में CWC ने संज्ञान लेते हुए दुबौलिया थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटना बस्ती जनपद के दुबौलिया थाना क्षेत्र की है। छावनी थाना क्षेत्र की निवासी एक नाबालिग लड़की अपने ननिहाल में रह रही थी, जहां से वह गायब हो गई थी। उसकी मां ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो दिन बाद बालिका अपने घर लौट आई। पुलिस ने उसे और उसकी मां को थाने बुलाया, बयान दर्ज किया और घर भेज दिया। पुलिस ने न तो सुपुर्दगी की उचित कार्यवाही की और न ही मां की बात सुनी, जिसने आरोपी के खिलाफ मेडिकल जांच और आगे की कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने उसे छावनी थाने जाने को कहकर टाल दिया। प्रकरण की जानकारी मिलने पर बाल न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा और सदस्यों अजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने इसे बाल अधिनियम 2015 का उल्लंघन और बालिका के सर्वोच्च हित के साथ खिलवाड़ माना। CWC ने दुबौलिया थानाध्यक्ष को तत्काल कार्यवाही पूरी करने और लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। CWC के चेयरपर्सन प्रेरक मिश्रा ने कहा कि बरामद नाबालिग को बिना मेडिकल परीक्षण और CWC के समक्ष प्रस्तुत किए मां को सौंपना गलत है, जिससे बालिका का सर्वोच्च हित प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्पष्टीकरण आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण को बाल आयोग को भी संदर्भित किया जाएगा।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
पुलिस ने नाबालिग को बिना मेडिकल कराए मां को सौंपा:बस्ती में CWC ने दुबौलिया थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












