सिद्धार्थनगर में पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी कम करने की कोशिश अब गांवों तक पहुंच रही है। इसी कड़ी में थाना खेसरहा पुलिस ने बुधवार को कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान के तहत ग्राम कड़जा में जनसंवाद गोष्ठी आयोजित कर सीधे ग्रामीणों और बुजुर्गों से संवाद किया। पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर फीडबैक लिया, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति और लोगों की जरूरतों को भी समझने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी और गांव में बेहतर माहौल होने की जानकारी दी। गांव पहुंची पुलिस, लोगों से सीधे किया संवाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी शुबेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में किया गया। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र की मौजूदगी में पुलिस टीम ने गांव में बैठक कर ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों से आमने-सामने बातचीत की। इस दौरान पुलिस ने क्षेत्र की सुरक्षा, सामाजिक माहौल और स्थानीय जरूरतों को लेकर लोगों से जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के साथ भरोसे का रिश्ता मजबूत करना भी है। बुजुर्गों ने बताया- योजनाओं का मिल रहा लाभ गोष्ठी में मौजूद करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वृद्धावस्था पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में सामाजिक समरसता बनी हुई है और लोग शांतिपूर्ण माहौल में जीवनयापन कर रहे हैं। लोगों ने अपनी दैनिक जरूरतों और स्थानीय मुद्दों पर भी पुलिस से चर्चा की। साइबर अपराध से बचाव पर दिया गया विशेष जोर कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। इसके साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जागरूकता संदेश दिए गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी विवाद, अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि सामाजिक शांति बनाए रखने में स्थानीय लोगों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि आपात स्थिति में पुलिस सहायता लेने में किसी तरह की झिझक न रखें। लोगों ने की कार्यक्रम की सराहना जनसंवाद कार्यक्रम को ग्रामीणों ने सकारात्मक पहल बताया। उनका कहना था कि जब अधिकारी गांव में पहुंचकर सीधे लोगों की बात सुनते हैं तो समस्याओं का समाधान आसान होता है और लोगों का भरोसा भी बढ़ता है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे जनसंपर्क कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग रखी। पुलिस टीम के ये सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश उपाध्याय, मुख्य आरक्षी राहुल सिंह तथा महिला आरक्षी रम्भा यादव सहित कम्युनिटी पुलिसिंग टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को मजबूत करना बताया गया।
सिद्धार्थनगर में पुलिस पहुंची गांव, बुजुर्गों से पूछा हाल:लोगों ने कहा- योजनाओं का लाभ मिल रहा, गांव में बना सौहार्द का माहौल
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