सिद्धार्थनगर में डीजल-पेट्रोल की किल्लत के बीच शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को राहत मिली है। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराएं। यह आदेश 22 अप्रैल, बुधवार को जारी किया गया। यह निर्देश शिक्षक संगठनों द्वारा ईंधन संकट को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद आया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के महामंत्री कलीमुल्लाह और यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष अभय कुमार पाण्डेय ने जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था। शैक्षणिक कार्य और सरकारी प्रशिक्षण प्रभावित शिक्षक संगठनों ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कमी के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालयों तथा जनगणना 2027 के प्रशिक्षण स्थलों तक समय पर पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर लंबी कतारों और सीमित आपूर्ति के चलते वे समय पर ड्यूटी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य और सरकारी प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए, जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने जनपद के सभी पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित कर्मचारियों का पहचान पत्र देखकर उन्हें प्राथमिकता से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी उपलब्ध कराएं। जनगणना का कार्य बाधित प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल शासकीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसका लक्ष्य विद्यालयों में पढ़ाई और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित होने से बचाना है। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों से आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को ईंधन में प्राथमिकता:जिला पूर्ति अधिकारी ने पेट्रोल पंपों को दिए निर्देश
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