नई दिल्ली, 14 जून। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार देश के सम्मान की रक्षा करने में विफल रही है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत के बावजूद न तो अमेरिका की ओर से कोई खेद व्यक्त किया गया और न ही माफी मांगी गई। उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत अमेरिका लगातार निर्देश जारी कर रहा है।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद – न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 14, 2026
कांग्रेस नेता ने अमेरिकी अधिकारियों के कथित निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि “अमेरिकी सेना के आदेशों का तत्काल पालन करें” और “किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” जैसी भाषा किसी स्वतंत्र राष्ट्र के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “एक स्वतंत्र देश ऐसी भाषा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा, लेकिन हमारे ‘समझौता कर चुके प्रधानमंत्री’ चुप हैं। वे एक आज्ञाकारी सेवक की तरह आदेश सुनते हैं और उनका पालन करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के सम्मान की रक्षा नहीं कर रही है और विदेशी शक्तियों के सामने झुक रही है। अपने एक अन्य पोस्ट में गांधी ने कहा कि मौजूदा शासन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान प्रभावित हुआ है। उन्होंने विदेश में फंसे एक भारतीय नागरिक को तत्काल वापस लाने की भी मांग की।
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है – और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी। https://t.co/WE7Y69wHZt
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 14, 2026
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसमें भारतीय नागरिकों की मौत को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से अब तक इस मामले में विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।












