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राप्ती नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर:श्रावस्ती में तटवर्ती खेत जलमग्न, किसानों की बढ़ी चिंता


श्रावस्ती जनपद के जमुनहा क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी उफान पर है, जिससे तटवर्ती गांवों और खेतों में पानी भर गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार रात नदी का जलस्तर 127.80 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार सुबह 6 से 8 बजे तक यह इसी स्तर पर बना रहा। हालांकि, सुबह 9 से 10 बजे के बीच जलस्तर घटकर 127.75 मीटर और 11 से 12 बजे तक 127.70 मीटर पर आ गया। दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच जलस्तर फिर बढ़कर 127.80 मीटर पर स्थिर हो गया। नदी का खतरे का निशान 127.70 मीटर है, जिससे वर्तमान में जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गजोबरी, मोहनपुर भरथा, बंदरा, घाटेपुरवा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, हसनापुर, कथरामाफी, शिकारी, पिपरहवा, पिपरहवा कोठी, जोगिया, भलुहिया, सेमरानियां, बाबूपुरवा, सुखराम पुरवा, मिशिर पुरवा और भगवानपुर सहित कई गांवों के निचले खेत जलमग्न हो गए हैं। धान की फसल डूबने की आशंका से किसान परेशान हैं। राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर और उसके बहाव पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है, तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की निगरानी बढ़ाने और तटवर्ती इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारियां पुख्ता रखने की मांग की है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और राजस्व टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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