नानपारा शहर में फुटपाथों पर अवैध कब्जे और किराए पर दिए जाने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। दुकानदारों द्वारा फुटपाथों पर सामान फैलाने और ठेले वालों को जगह किराए पर देने से प्रतिदिन 100 से 200 रुपये की वसूली की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। गोयल तिराहा से मिहींपुरवा रोड, इमामगंज चौराहा से गल्ला मंडी और गोयल तिराहा से स्टेशन तक रोजाना लंबा जाम लग रहा है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो चुके हैं, जिससे उन्हें सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति से स्कूल, अस्पताल और तहसील जाने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। एम्बुलेंस और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन रोड के व्यापारी मनीष ने बताया, “ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पाते। फुटपाथ पर चलने पर दुकानदार झगड़ते हैं, और सड़क पर चलने पर वाहन से टक्कर का डर रहता है।” स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल दिखावा है। टीम आती है, कुछ दुकानों का चालान करती है और तस्वीरें खींचकर चली जाती है, जिसके बाद अगले ही दिन फिर से अतिक्रमण शुरू हो जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक ठेले वाले ने बताया कि दुकान के सामने खड़े होने के लिए वे रोजाना 100-200 रुपये देते हैं | इस संबंध में नगर पालिका के ईओ रंग बहादुर सिंह ने बताया कि सोमवार, 8 जून को नगर में सफाई अभियान चलाया जाएगा। हालांकि, जनता सवाल उठा रही है कि क्या केवल सफाई अभियान से यह समस्या हल होगी और फुटपाथों को खाली कराने के लिए कोई स्थायी योजना कब बनाई जाएगी।
नानपारा में फुटपाथ पर ‘किराए’ का कब्जा:100-200 रुपये रोज में बिक रही सड़क, जनता जाम से बेहाल
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












