
फिरोजाबाद,कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होटल, कोचिंग सेंटर, रेस्तरां मालिकों और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के साथ अग्नि काण्डों से बचाव हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आयोजित की गई
बैठक में जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा ने होटल, रेस्तरां,कोंचिंग सेंटरों व मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देशित करते हुए कहा सभी लोग अपने-अपने संस्थानों में फायर सेफ्टी सिस्टम को अनिवार्य रूप से लगाए, फायर सेफ्टी सिस्टम केवल औपचारिकता या चालान से बचने का माध्यम नहीं होना चाहिए।
फायर सेफ्टी का उपयोग लोगो के जीवन से जुड़ा वास्तविक कर्तव्य है, प्रशासन द्वारा लगातार इस बात की मॉनिटरिंग की जा रही है। कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षात्मक उपकरण लगे हैं। या नहीं, किसी भी संस्थान का मालिक यदि किसी प्रकार की कोई लापरवाही बरतता है। तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी संस्थाओं के मालिकों को इस बात के लिए आश्वस्त किया कि किसी भी संस्थान के खिलाफ कार्रवाई किसी भी शिकायत या उकसावे में आकर नहीं बल्कि तय नियमों के तहत रूटीन चेकिंग के आधार पर होगी, सभी वाणिज्यिक और निजी संस्थान स्वयं अपनी बिल्डिंग का फायर सेफ्टी ऑडिट ऑनलाइन माध्यमों की सहायता से करवाए, बायोमेट्रिक फेस रिकॉग्निशन या ऑटो लॉक सिस्टम वाली बिल्डिंग में आग लगने की स्थिति में डोर लॉक होने का खतरा रहता है।
अतः आपातकाल के लिए मैन्युअल डोर ओपनिंग व्यवस्था और पर्याप्त एग्जिट गेट अनिवार्य रूप से सुरक्षित किया जाये।
अधिकांश अग्निकांड शॉर्ट सर्किट के कारण होते हैं। जिसका मुख्य कारण क्षमता से अधिक बिजली का उपभोग है। सभी संस्थान अपनी क्षमता के अनुसार लोड ठीक करवाए और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट अवश्य कराये हर बिल्डिंग और लिफ्ट में एक फायर सेफ्टी इंचार्ज नामित किया जाये। और उसका नाम और मोबाइल नंबर हर फ्लोर पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए, बहु मंजिला इमारत में लिफ्ट के साथ-साथ सीढ़ियों को हमेशा खुला और साफ़ रखा जाये।
सीढ़ियों पर कबाड़ या बेकार सामान रखकर आपातकालीन रास्ते को बाधित न किया जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी संस्थान के मालिक को प्रताड़ित करना नहीं है, बल्कि हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है, कि किसी आपात स्थिति में कोई दुखद हादसा न हो और इस संदर्भ में हमारी पूर्ण तैयारी पुख्ता रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह सभी संबंधित संस्थाओं को एक लिखित एडवाइजरी जारी करें, ताकि सभी को सुरक्षा मानकों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त अधिकारियों और संस्थानो के मालिकों से कहा कि प्रशासन अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। और यही कारण है ,कि आज हम यहां केवल नियम समझाने नहीं बल्कि जिंदगिया बचाने के संकल्प के साथ अपने विचारों को और अपने निर्देशों से आपको अवगत करा रहे हैं। मुझे आशा और विश्वास है, कि आप सब इसका जिम्मेदारी से पालन करेंगे।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कल्पना जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पाण्डेय, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल योगेश कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, उप जिलाधिकारी सदर, अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












