- ‘शिक्षा केवल डिग्री नहीं, राष्ट्र सेवा का संकल्प है’: उच्च शिक्षा मंत्री ने दिया युवाओं को मंत्र
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ का 11वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह में विद्यार्थियों को कुल 1,246 उपाधियां तथा 125 पदक प्रदान किए गए। इनमें 74 पदक छात्राओं तथा 51 पदक छात्रों को मिले, जो बेटियों की बढ़ती प्रतिभा का प्रमाण है। सभी उपाधियां एवं अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए गए हैं। इस अवसर पर जनपद औरैया के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 250 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं तथा 300 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं और पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं नमन करता हूँ उन माता-पिता को, जिनके प्यार, बलिदान और संघर्ष के बिना यह मुकाम पाना आसान नहीं था। आपकी उपलब्धि के पीछे उनकी न जाने कितनी खुशियों का त्याग है। नमन उन गुरुओं को भी, जिनके कुशल मार्गदर्शन में आपको यह सफलता मिली। इसीलिए हमारी संस्कृति में कहा गया है – मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, आचार्यदेवो भव।
मंत्री उपाध्याय ने कहा कि पदक पाने वालों ने थोड़ा अधिक परिश्रम किया है, अब उन्हें समाज और देश के लिए मॉडल बनना पड़ेगा। जो इस बार मुकाम तक नहीं पहुंच पाए, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, सतत संघर्ष और सतत क्रियाशील रहना चाहिए। कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता। यह आपका दीक्षांत समारोह है, शिक्षा का अंत नहीं। शिक्षा जीवन भर घटनाओं से, व्यक्तियों से, यहाँ तक कि पशु-पक्षियों से भी ली जा सकती है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आने से पहले उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों ने ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने 8-10 घंटे तक बैठकों में विश्वविद्यालयों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया। आज उत्तर प्रदेश में NAAC A++ रैंकिंग वाले विश्वविद्यालय हैं, 6 विश्वविद्यालय A+ और 4 विश्वविद्यालय A ग्रेड में हैं, यूजीसी ग्रेड-1 में 2 विश्वविद्यालय हैं, QS वर्ल्ड रैंकिंग और एशिया रैंकिंग में यूपी के विश्वविद्यालय शामिल हैं। आज उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक ग्रेडेड विश्वविद्यालयों वाला राज्य बन गया है। यही राष्ट्रभक्ति है, यही राष्ट्र सेवा है।
अंत में उन्होंने विकसित भारत के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अर्थव्यवस्था में 12वें-13वें स्थान से चौथे स्थान पर आ गया है और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में युवाओं की सोच और योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा।












