सिद्धार्थनगर के विकासखंड खेसरहा की ग्राम पंचायत नगवा के राजस्व गांव सिंहोरवा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और गांवों के कचरे के वैज्ञानिक संग्रहण व निस्तारण के लिए बनाए गए ये केंद्र उचित संचालन के अभाव में शोपीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का कचरा आज भी खुले में फेंका जा रहा है। आरआरसी सेंटर में न तो नियमित रूप से कचरा संग्रहित किया जाता है और न ही उसके निस्तारण की कोई प्रभावी व्यवस्था है। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण श्याम सुंदर ने बताया कि सरकार की यह योजना अच्छी है, लेकिन इसका संचालन धरातल पर नहीं हो रहा है। दीनानाथ ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस सेंटर का कोई उपयोग नहीं हो रहा, जिससे कचरा खुले में पड़ा रहता है और गंदगी फैलती है। पंकज के अनुसार, सेंटर के नियमित संचालन न होने से लोगों का योजना पर से विश्वास कम हो रहा है। अनुज ने कहा कि यदि कचरे का नियमित संग्रहण और निस्तारण शुरू हो जाए तो गांव साफ-सुथरा रहेगा और बीमारियों का खतरा भी कम होगा। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अंकित पांडे ने बताया कि आरआरसी सेंटर का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं कराई जाएंगी, ताकि केंद्र अपने उद्देश्य को पूरा कर सके और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरआरसी सेंटर का नियमित संचालन, कचरा संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि स्वच्छ भारत मिशन की मंशा गांव स्तर पर साकार हो सके।
खेसरहा में आरआरसी सेंटर शोपीस बना:लाखों खर्च के बाद भी कचरा निस्तारण ठप, ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग
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