HomeHealth & Fitnessआरक्षण पर समाजवादी पार्टी का दोहरा रवैया उजागर: रामनाथ सिंह

आरक्षण पर समाजवादी पार्टी का दोहरा रवैया उजागर: रामनाथ सिंह

मुरादाबाद। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुरादाबाद मंडल महासचिव रामनाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि आज समाजवादी पार्टी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के आरक्षण को लेकर अत्यधिक चिंता जताती दिखाई दे रही है, लेकिन उसका राजनीतिक इतिहास इसके विपरीत रहा है।

रामनाथ सिंह ने कहा कि जब संसद में आरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किया गया था, तब समाजवादी पार्टी के तत्कालीन सांसद यशवीर सिंह धोबी, जो नगीना लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए थे, ने संसद के भीतर ही उस विधेयक की प्रति फाड़ दी थी। यह घटना उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी। उन्होंने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह थी कि आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद पहुंचे सांसद द्वारा ही आरक्षण से जुड़े विधेयक का विरोध किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और मानसिकता को दर्शाती है। उनके अनुसार, पार्टी ने हमेशा आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति की है, लेकिन जब आरक्षण को मजबूती देने की बात आई तो उसका विरोध किया गया। आज सत्ता से बाहर होने के बाद समाजवादी पार्टी को पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की चिंता सताने लगी है, जबकि सत्ता में रहते हुए उसने इन वर्गों के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

रामनाथ सिंह ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सामाजिक न्याय, संविधान और आरक्षण व्यवस्था की सशक्त समर्थक रही है। पार्टी का मानना है कि आरक्षण सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है तथा इसे कमजोर करने या इसके नाम पर राजनीतिक लाभ लेने के प्रयासों को जनता भली-भांति समझती है।

उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब राजनीतिक दलों के कथन और कर्म के अंतर को पहचान चुकी है। केवल बयानबाजी और दिखावटी चिंता से समाज के वंचित वर्गों का भला नहीं होने वाला। जनता उन दलों को जवाब देगी जो वर्षों तक आरक्षण के मुद्दे पर भ्रम फैलाते रहे और अब राजनीतिक लाभ के लिए इसे मुद्दा बना रहे हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नेता ने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के संरक्षण के लिए जनता ऐसे दलों का समर्थन करेगी जो वास्तव में वंचित, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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