Homeदेश (National)वियतनाम हादसे में बचे भारतीय क्या कह रहे हैं? आपबीती डरा देगी

वियतनाम हादसे में बचे भारतीय क्या कह रहे हैं? आपबीती डरा देगी

वियतनाम में एक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलट गई। हादसा समुद्र तट से सिर्फ 300-400 मीटर दूर हुआ है। इस घटना में 15 भारतीय पर्यटकों ने अपनी जान गंवा दी है। यह हादसा शनिवार को करीब 2:30 बजे हुआ है। बोट में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग नाजुक स्थति में संघर्ष कर रहे हैं।

यह स्पीडबोट होन माय रुट नगोआई द्वीप से महज 400-500 मीटर दूर थी। लावा इंटरनेशनल कंपनी के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मोबाइल डीलर इस कंपनी के स्पॉन्सर्ड टूर पर गए थे। खुशियां मनाने गए थे, उन्हें मातम लेकर लौटना पड़ रहा है। आइलैंड से वापस लौटते वक्त नाव अचानकर पलट गई।

मृतकों में 3 आंध्र प्रदेश, 10 तमिलनाडु और 2 केरल के हैं। कई घायल तेलंगाना के हैं। चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आसपास की नावों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया लेकिन तब तक देर हो गई थी।

हादसा कैसे हुआ?

मौसम खराब था और समुद्र में तेज लहरें उठ रही थीं। अचानक नाव पलट गई। जिन 15 लोगों की जान गई है, उन्हें बचाने की कोशिश की गई लेकिन वे नहीं बचे। कुछ लोग नाव के अंदर भी फंस गए थे। वियतनाम के प्रधानमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि समंदर की इन नावों की सेहत जांची जानी चाहिए।

हादसे में बचे लोग क्या कह रहे हैं?

आंध्र प्रदेश के गुंटूर से आए आशीष कुमार ने इस हादसे को अपनी आंखों से देखा। वह लावा मोबाइल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। कंपनी के कर्मचारी और डीलर वियतनाम घूमने गए थे। कुल 32 भारतीय पर्यटक एक नाव में सवार थे। दूसरी दो नावों के लोग अभी द्वीप पर फोटो खींच रहे थे।

आशीष कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 1:30 बजे नाव चली थी। थोड़ी दूर आगे बढ़ते ही नाव हादसे का शिकार हो गई। नाव अचानक पलट गई। मौसम ठीक था, हल्की हवा चल रही थी लेकिन अचानक हादसा हो गया। उन्होंने कहा, ‘हम चिल्ला रहे थे, लेकिन नाव पलटते ही सब कुछ हो गया।’

क्यों हुईं इतनी मौतें?

रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई और लोगों को बाहर निकाला लेकिन तुरंत डॉक्टर या मेडिकल टीम वहां नदारद थी। कई लोगों को सीपीआर तक नहीं मिल पाया। आशीष कुमार ने बताया कि उनके एक दोस्त की पत्नी की मौत हो गई, जबकि वह खुद अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं।

यह हादसा होन मे रुट न्गोआई के पास हुआ। लावा कंपनी ने कहा कि भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। घायलों और मरने वालों के परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है। सभी बचे हुए लोग अब होटल वापस पहुंच गए हैं। पूरा समूह इस घटना से गहरे सदमे में है।

सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

+84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 पर संपर्क किया जा सकता है। हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। +84 91 308 9165 पर आप फोन कर हाल ले सकते हैं। तेलंगाना सरकार के NRI विभाग ने भी एक कंट्रोल रूम बनाया है। अगर आपके परिजन खो गए हैं तो 9885371189, 7997959754, 9989654807 और 7997959779 पर कॉल कर सकते हैं।

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