कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे आम्बा-बिछिया सड़क मार्ग पर रविवार रात हाथियों का एक झुंड आ गया। करीब एक दर्जन हाथियों ने सड़क किनारे पेड़ों की डाल तोड़कर खाना शुरू कर दिया। इस दौरान वाहनों की आवाजाही रुक गई और लगभग आधा घंटे तक मार्ग पर जाम लगा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट के घने जंगल से निकलकर आम्बा-बिछिया मार्ग पर पहुंचा। इस झुंड में 10 वयस्क और 2 बच्चे हाथी शामिल थे। सड़क पार करने के बाद हाथियों ने किनारे लगे रोहनी और अन्य पेड़ों की डालियां तोड़कर पत्तियां खानी शुरू कर दीं। दो हाथी सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर डालियां चबाते रहे। इस दृश्य को देखकर बिछिया की ओर से आ रही रोडवेज बस, ट्रक और दर्जनों बाइक सवारों को अपने वाहन रोकने पड़े। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हाथियों के सड़क पर होने के कारण कोई भी वाहन चालक हॉर्न बजाने या आगे बढ़ने का साहस नहीं कर सका। लगभग 30 मिनट तक यह स्थिति बनी रही, जिससे यातायात बाधित रहा। कुछ राहगीरों ने बताया कि उन्होंने दूर से ही अपनी गाड़ियां रोक दी थीं। हाथियों को शांत भाव से पेड़ की डाल खाते देखना एक अनोखा अनुभव था। हाथी विशेषज्ञ अभिषेक ने सलाह दी है कि रात के समय जंगल के रास्तों पर आवागमन से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो ही निकलें और शाम या रात के समय अकेले यात्रा न करें, बल्कि समूह में जाएं।
आम्बा-बिछिया मार्ग पर हाथियों का झुंड देख थमे पहिए:पेड़ की डाल खाते दिखे गजराज, आधा घंटा लगा जाम
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