श्रावस्ती के सात मोहर्रम के अवसर पर नासिरगंज कस्बे में ऐतिहासिक जुलूस-ए-अजा अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। यह जुलूस नूरी मस्जिद से शुरू हुआ, जहां से अजादार अलम लेकर नौहाख्वानी और मातम करते हुए निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़े। जुलूस में शिया और सुन्नी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे रास्ते “या हुसैन” के नारे गूंजते रहे और अजादारों ने गम का इजहार किया। जुलूस अपने तयशुदा मार्गों से होता हुआ देर रात करीब 1 बजे वापस नूरी मस्जिद पहुंचकर समाप्त हुआ। इस अवसर पर कस्बे में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्गों पर पुलिस बल तैनात था और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई। इस मोहर्रम जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादार और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
नासिरगंज में सात मोहर्रम का जुलूस निकला:अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ ऐतिहासिक जुलूस-ए-अजा
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