श्रावस्ती जिले के गिलौला ब्लॉक में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल और ढाबा संचालकों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण कई होटल संचालक अब लकड़ी, कोयला और उपलों की भट्ठी का उपयोग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर स्थानीय स्तर पर भी देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाए जाने से भी होटल संचालकों के सामने संकट गहरा गया है। गिलौला बाजार के होटल व्यापारियों ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने के कारण कुछ समय के लिए उनकी दुकानें पूरी तरह बंद हो गई थीं। इससे कारीगरों और मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। अब वे लकड़ी और कोयले की मदद से काम चला रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था महंगी और असुविधाजनक साबित हो रही है। स्थानीय होटल संचालक दया शंकर, महेश, करन और राम समुझ गुप्ता ने बताया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण होटल चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्हें मजबूरन महंगे दामों पर कोयला, लकड़ी और उपले खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है और मुनाफा लगभग खत्म हो चुका है। इस संकट का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। बाजार में उपलों और लकड़ी की मांग बढ़ने से इनके दामों में भी इजाफा हो गया है, जिससे आम उपभोक्ता भी परेशान हैं। होटल व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए, ताकि छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रह सके और बाजार की व्यवस्था सामान्य हो सके। जिला पूर्ति अधिकारी दीपक कुमार वाणेय ने बताया कि लगभग सभी गैस एजेंसियों पर सिलेंडर उपलब्ध हैं। जहां उपलब्धता नहीं है, वहां आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गिलौला की दोनों एजेंसियों पर गैस का वितरण किया जा रहा है।
गिलौला में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की किल्लत:होटल कारोबार प्रभावित, लकड़ी-कोयले से चल रहा काम
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