इटवा विकास क्षेत्र के ग्राम मुडिला शिवदत्त में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को कथा के दूसरे दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पं. उत्तम कृष्णा शास्त्री ने श्रद्धालुओ को धुंधकारी के मोक्ष की कथा सुनाई। शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि भागवत कथा सुनने मात्र से ये तीनों तत्व एक साथ प्राप्त होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि जिसके हृदय में भक्ति होती है, वहीं भगवान का वास होता है, चाहे वह किसी भी प्राणी का हृदय हो। कथा श्रवण से घर में सुख-शांति आती है, पितृ दोष शांत होते हैं और धन-लक्ष्मी की वृद्धि होती है। यह जीवन जीने की कला सिखाती है और धर्म के मर्म को जानने की जिज्ञासा बढ़ाती है। महाराज जी ने भागवत की विधि का श्रवण कराते हुए सभी भक्तों को ज्ञान गंगा में गोता लगवाया, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए। ‘जय जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। कथा से पूर्व यज्ञाचार्य पं. शशिकांत शास्त्री एवं वेद प्रकाश शास्त्री ने महामंगल आरती के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। मुख्य यजमान राज मंगल मिश्र रहे। आयोजक एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष कृष्णा मिश्र ने कथा में आए हुए श्रद्धालुओं का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं भंडारा 15 मई को होगा, जिसमें उन्होंने सभी से सहभागिता का आह्वान किया। इस अवसर पर राधेश्याम मिश्र, घनश्याम, विशाल, शालिनी, विनायक, अशर्फी यादव, रामकुमार वरुण, राजू यादव, राम सजीवन यादव, मयाराम गौतम, कन्हैया गौतम सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इटवा में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन:उत्तम कृष्णा शास्त्री ने बताया – कथा से मिलती है सुख-समृद्धि
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