गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा अखिलेश यादव का पुतला दहन किए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे न केवल एक शर्मनाक कृत्य बताया, बल्कि इसे भाजपा की संकीर्ण और विकृत मानसिकता का परिचायक भी कहा।
वीरेन्द्र यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि भाजपा की न तो लोकतंत्र में आस्था है और न ही संविधान में विश्वास। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर भाजपा की मंशा साफ नहीं थी। विपक्ष की एकजुटता के चलते सरकार की रणनीति विफल हुई, जिससे बौखलाहट में इस तरह के कृत्य सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने हितों को भली-भांति समझती हैं। महिला सशक्तिकरण किसी एक पार्टी का एजेंडा नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिबद्धता है। यादव ने मांग की कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले व्यापक जनगणना कर सभी वर्गों के लिए न्यायसंगत कोटा तय किया जाना चाहिए था, लेकिन जल्दबाजी में बिल लाकर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई।
सपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा देश की ज्वलंत समस्याओं—महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और गैस संकट—से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक मुद्दों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब इन रणनीतियों को समझ चुकी है और अपने विवेक से निर्णय लेगी। अंत में वीरेन्द्र यादव ने प्रशासन से मांग की कि पुतला दहन की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।












