लखनऊ। लविवि प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों को अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निष्कासित कर दिया था। 13 दिनों से छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने समाजवादी पार्टी के नेता राज्यपाल कश्यप पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों के निष्कासन को बहाल करने की मांग किया।
लविवि कैंपस में निष्कासन के विरोध में सरस्वती प्रतिमा के पास छात्र धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे छात्रों के समर्थन में पूर्व छात्रसंघ के पदाधिकारियों के अलावा सपा और कांग्रेस से जुड़े लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। कांग्रेस और सपा के कई डेलिगेशन ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात भी किया है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी छात्रों के पक्ष में खुलकर आवाज बुलंद की है । छात्रों की फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन करने की बात कही है।
राजपाल कश्यप ने कहा की किसी भी छात्र को निष्कासित करके शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाना छात्रों का अधिकार था । अगर विश्वविद्यालय कैंपस में कोई भी चीज छात्रों के हितों के विपरीत हो रही है तो उसे पर लोकतांत्रिक तरीके से सबको अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा बढ़ी हुई फीस और निष्कासन मामले को सदन में उठाने की बात कही।












