लखनऊ। सोमवार आईपीएस सुजीत पांडेय को पुनः केंद्रीय प्रतिनियुक्ति मिल गई। उन्हें हैदराबाद स्थित भारतीय पुलिस अकादमी (सरदार वल्लभ पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी) का नया डायरेक्टर बनाया गया है। आईपीएस सुजीत पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। वह 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। इससे पहले फरवरी 2026 में उन्होंने महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया था। दिसंबर 2025 में उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक से प्रमोट करके पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया था।
वर्ष 2020 में यूपी की राजधानी लखनऊ में जब पहली बार पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई, तब उन्हें शहर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया। उन्होंने अपने करियर के दौरान लगभग 7 वर्षों तक सीबीआई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अन्य महत्वपूर्ण पद: वह प्रयागराज, मेरठ और आगरा जोन में आईजी/एडीजी के रूप में काम कर चुके हैं। साथ ही गाजीपुर, फतेहपुर, वाराणसी और बुलंदशहर जैसे कई जिलों में बतौर एसपी सेवाएं दी हैं। उनका जन्म 1 अगस्त 1968 को पटना, बिहार में हुआ था।
उनके पिता नरेंद्र कुमार पांडेय बिहार कैडर के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन और इतिहास विषय में एम.ए.किया है। उन्हें पुलिस सेवा में बेहतरीन योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
2010 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक, 2025 अति उत्कृष्ट सेवा पदक के साथ ही उन्हें डीजीपी का सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम कमेंडेशन डिस्क भी मिल चुका है। साल 1997-98 में लखनऊ में एसपी सिटी रहते हुए दशकों बाद निकले शिया-सुन्नी जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभालना उनके करियर की पहली बड़ी परीक्षा थी।












