Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)कप्तानगंज के मीता सोती में तेंदुए की दहशत:पीपरोला घाट पर कुत्ते को...

कप्तानगंज के मीता सोती में तेंदुए की दहशत:पीपरोला घाट पर कुत्ते को दबोचकर जंगल में भागा खूंखार जानवर, सहमे ग्रामीणों ने जागकर काटी रात

#बस्ती_न्यूज

कप्तानगंज ब्लॉक स्थित राजस्व ग्राम मीता सोती में शुक्रवार रात करीब 8 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब पीपरोला घाट के पास जंगल में तेंदुए जैसा एक खूंखार जानवर देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह जानवर एक कुत्ते को अपने मुंह में दबाकर पलक झपकते ही जंगल की ओर भाग निकला। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है और ग्रामीण खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। पीपरोला घाट पर दुकान चलाने वाले राम सुमेर और वहां मौजूद जिन्नू ने बताया कि यह वाकया उनके सामने ही हुआ। वे रात में अपनी दुकान बढ़ा रहे थे, तभी तेंदुए जैसा दिखने वाला जानवर अचानक आया और कुत्ते को दबोचकर भाग गया। वहीं घाट पर गाड़ी धुलाई का काम करने वाले राम बचन ने बताया कि जैसे ही उन्होंने अपनी गाड़ी की चाबी घुमाई और हेडलाइट की रोशनी चमकी, उन्होंने जानवर को कुत्ते के साथ जंगल की तरफ जाते देखा। इस खबर के फैलते ही कुंवर विक्रम सिंह, नीतीश, संदीप चौधरी, राम भवन और ऋषिकेश चौधरी सहित सैकड़ों ग्रामीणों की रात की नींद उड़ गई और लोगों ने जागकर रात काटी। वन विभाग की टीम ने खंगाला जंगल घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वन रेंजर राजू प्रसाद ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही रात में ही वन विभाग की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया था। हालांकि, रात के अंधेरे में टीम को कोई संदिग्ध जानवर हाथ नहीं लगा। रेंजर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे बेल्ट में बड़े आकार की जंगली बिल्लियां भी पाई जाती हैं, जो पहली नजर में तेंदुए जैसी ही दिखती हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति साफ करने के लिए शनिवार सुबह दोबारा टीम भेजकर विस्तृत जांच कराई जाएगी। कई गांवों में पसरा सन्नाटा, घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग रात के समय वन दरोगा जगदीश प्रसाद, रविंद्र सिंह, सुनील मिश्रा, गिरजेश, रवि भारती, दिनेश प्रसाद गिरी और वीर विक्रम सिंह सहित पूरी टीम ने वन क्षेत्र का कोना-कोना छाना, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इधर वन विभाग की इस कार्रवाई के बावजूद मीता सोती, नारायणपुर और मुड़ियारी सहित आधा दर्जन गांवों के लोग सहमे हुए हैं। आलम यह है कि जो ग्रामीण अमूमन गर्मी के दिनों में छतों, खेतों या घरों के बाहर सोते थे, वे सभी डर के मारे रात भर घरों के अंदर ही दुबके रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कर जल्द से जल्द स्थिति साफ की जाए।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments