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दिव्यांग की संपत्ति पर दबंगों का ‘जबरन’ कब्जा, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित

उपजिलाधिकारी (SDM) जमुनहा को पत्र लिखकर लगाई न्याय की गुहार

वसीयतशुदा मकान और जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध निर्माण और कब्जे का आरोप।

श्रावस्ती जमुनहा तहसील क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब, असहाय और पैर से दिव्यांग व्यक्ति की पुश्तैनी व वसीयतशुदा संपत्ति पर गाँव के ही कुछ रसूखदार दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने थक-हारकर उपजिलाधिकारी (SDM) जमुनहा को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
​क्या है पूरा मामला?
​image.png में दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, प्रार्थी (पेशकार) ने बताया कि वह पैर से दिव्यांग और बेहद गरीब व्यक्ति है। उनके भाई प्रेम लाल (पुत्र माता प्रसाद) एक नि:संतान व्यक्ति थे। जीवनभर प्रार्थी पेशकार ने ही अपने भाई प्रेम लाल की सेवा और परवरिश की थी।​इस सेवा से खुश होकर प्रेम लाल ने अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत पेशकार के हक में कर दी थी। इस वसीयत के आधार पर प्रार्थी के नाम नामान्तरण (दाखिल-खारिज) का आदेश भी कोर्ट द्वारा हो चुका है। प्रार्थी अपने भाई के जीवनकाल से ही उस मकान में निवास कर रहा है।​दबंगों पर अवैध कब्जे और प्रताड़ना का आरोप
​पीड़ित का आरोप है कि गाँव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग— जिनमें हृदय राम (पुत्र झलारी), मंगलेष, सर्वजीत (दोनों पुत्रगण हृदय राम), सुन्दरी (पत्नी पवन कुमार), अनीता (पत्नी मंगलेष) और शान्ती (पत्नी हृदय राम) शामिल हैं— उसकी जमीन और मकान के सहन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं।
​शिकायत के मुख्य बिंदु:
​दबंगों द्वारा पीड़ित की जमीन पर जबरन लकड़ी, इंजन, थ्रेशर मशीन और पशुओं को बांधने के लिए खूंटा आदि गाड़कर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
​मृतक प्रेम लाल ने हृदय राम को केवल 1 बिस्वा जमीन बैनामा (बेची) की थी, लेकिन दबंग हृदय राम और उसका परिवार जबरन{1 एक बिस्वा जगह पर}{2} (ढाई) बिस्वा जमीन पर कब्जा जमाए बैठा है।
​पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट कर हारा पीड़ित
​दिव्यांग पीड़ित ने पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा है कि वह इस मामले को लेकर थाने, पुलिस और अन्य कई प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट चुका है और कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका है। लेकिन विपक्षी (आरोपी) बेहद रसूखदार, दबंग और ‘दबंग किस्म’ के लोग हैं, जिसके कारण पुलिस प्रशासन से अब तक पीड़ित को कोई ठोस इंसाफ नहीं मिल सका है।
​निराश होकर पीड़ित ने अब उपजिलाधिकारी (SDM) जमुनहा के समक्ष अपनी गुहार लगाई है और मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दबंगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एक दिव्यांग और असहाय व्यक्ति को इस तरह परेशान करना अत्यंत निंदनीय है।
जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भूमिया व गरीबों के जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है लेकिन प्रशासनिक अफसर केवल कार्यवाही कागज तक सीमित रह जाती हैं इस संबंध में उपजिला अधिकारी जमुनहा से जानकारी लेने पर बताया गया की प्रार्थना पत्र मिला था पैमाइश के लिए टीम गठित की गई है लेकिन राजस्व निरीक्षक व क्षेत्र लेखपाल फोर्स लेकर पैमाइश करने नहीं जाते हैं और गरीब दिव्यांग व्यक्ति तहसील का चक्कर न्याय के लिए काट रहा है।

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