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बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी फिलहाल खतरे के निशान 94.010 मीटर से 2.37 मीटर नीचे 91.640 मीटर पर बह रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। कई गांवों की कृषि भूमि नदी में समा रही है, जबकि रिहायशी मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। विक्रमजोत ब्लॉक के बघुआपार, अर्जुनपुर, लकड़ी दुबे और पकड़ी संग्राम समेत कई गांवों में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, खेत लगातार नदी में समा रहे हैं और कई मकान भी कटान की जद में आ गए हैं। पिछले वर्ष भी कटान से कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। 20 मीटर दूर पहुंची नदी, सुरक्षा कार्य नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील स्थानों पर अब तक बोल्डर पिचिंग, ठोकर या अन्य स्थायी कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए हैं। अर्जुनपुर और बघुआपार गांवों से नदी की धारा अब महज 20 मीटर दूर रह गई है। दोनों गांवों के बीच करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कोई सुरक्षा संरचना नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। श्मशान घाट का हिस्सा भी नदी में समाया लकड़ी दुबे गांव में बीते एक सप्ताह के भीतर अंत्येष्टि स्थल का लगभग आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। वहीं कुदरहा ब्लॉक के मईपुर और दुबौलिया ब्लॉक के चांदपुर कटरिया तटबंध, सुबिका बाबू और टेढ़वा समेत कई गांवों के सिवान भी बाढ़ और कटान की चपेट में आने लगे हैं। स्पर और डैपनरों पर बढ़ा दबाव, 500 परिवार चिंतित बहादुरपुर क्षेत्र के मदरहवा और मईपुर गांवों में बने स्पर और डैपनरों पर भी सरयू का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे करीब 500 परिवारों की चार हजार से अधिक आबादी संभावित खतरे को लेकर चिंतित है। एहतियात के तौर पर बाढ़ खंड ने नायलॉन की बोरियों में रोड़े भरकर नदी में डालने का कार्य शुरू करा दिया है। स्थायी समाधान की मांग, शासन को भेजा गया प्रस्ताव बाढ़ खंड के अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि नए ठोकर निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में संभावित बड़े नुकसान को रोका जा सके।
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बस्ती में सरयू नदी का कटान तेज:कई गांवों पर मंडराया संकट; नदी से सिर्फ 20 मीटर दूर बचे अर्जुनपुर और बघुआपार
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