श्रावस्ती जनपद में बकरीद का पर्व 28 मई 2026 को पूरे श्रद्धा, अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 10 ज़िलहिज्जा को मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुबह नमाज़ अदा की गई। जहां देश में शांति और खुशहाली की दुआ मांगी गई। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। दरअसल मुस्लिम धर्म गुरुओं की माने तो कुर्बानी का यह अमल अगले दो से तीन दिनों तक चलता है, जिसमें अल्लाह की राह में बलिदान देकर देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआएं की जाती हैं। यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति आज्ञाकारिता, कुर्बानी और समर्पण की याद दिलाता है।
नासिरगंज कस्बे में शिया समुदाय द्वारा तीन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ये सभी कार्यक्रम हुसैनिया इमामबाड़े में संपन्न हुए, जिनमें शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।बिहार से आए मौलाना जुल्फिकार हैदर नकवी ने इन कार्यक्रमों को संबोधित किया। इस दौरान हजरत मुस्लिम इब्ने अकील की याद में एक मजलिस भी आयोजित की गई। मौलाना नकवी ने हजरत मुस्लिम इब्ने अकील के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे इमाम हुसैन के प्रतिनिधि थे और उन्होंने सत्य व न्याय के मार्ग पर चलते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मजलिस के दौरान नौहा, मरसिया और सोजख्वानी भी पेश की गई।कार्यक्रम के अंत में, देश की खुशहाली, आपसी भाईचारे और विश्व शांति के लिए विशेष दुआएं की गईं।
श्रावस्ती में अकीदत और भाईचारे के साथ मनी बकरीद:कुर्बानी का सिलसिला जारी, नासिरगंज में शिया समुदाय ने किए धार्मिक आयोजन
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