हाथरस। सादाबाद क्षेत्र के पुसैनी गांव में रविवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए चल रही खोदाई के दौरान कब्रिस्तान की जमीन पर जेसीबी चला दी गई। खोदाई में कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के दौरान कुछ कब्रें टूट गईं और उनमें दफन शव बाहर निकल आए। यह दृश्य देखकर मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और गहरा आक्रोश जताया। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया। नाराज ग्रामीणों ने तुरंत निर्माण कार्य बंद करवा दिया और जल निगम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि बिना सूचना और अनुमति के इस तरह का कार्य करना पूरी तरह गलत है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल निगम ने न तो पहले कोई सूचना दी और न ही गांव स्तर पर सहमति ली। उन्होंने बताया कि यह भूमि वर्षों से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग में है, इसके बावजूद बिना जांच-पड़ताल के निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। सूचना मिलने पर लेखपाल और ग्राम प्रधान उमेश कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कब्रिस्तान की भूमि पर टंकी का निर्माण नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि इस स्थान पर कार्य पूरी तरह बंद रहेगा और नई जगह तलाश की जाएगी। घटना के बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में बाहर निकले शवों को सम्मानपूर्वक दोबारा दफनाया गया। ग्राम प्रधान ने क्षतिग्रस्त चार कब्रों की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया। वहीं, जल निगम के सहायक अभियंता चंद्रपाल सिंह लोधी ने बताया कि खुदाई में कब्रें मिलने के बाद फिलहाल काम रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।












