इकौना विकासखंड अंतर्गत कंजड़वा अकील के खेत से भुजवन पूरवा और लोहारन पूरवा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इस समय अपनी बदहाली पर आंसू रो रहा है। सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामान्य दिनों में तो जैसे-तैसे लोग निकल जाते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में इस सड़क की स्थिति नरकीय हो जाती है। पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच जाता है। खेती-किसानी के काम में अपने माता-पिता का हाथ बंटाने वाले मासूम बच्चों और घर के बुजुर्गों को खेतों तक जाने में आए दिन फिसलने और गिरने के कारण हल्की-फुल्की चोटें आ रही हैं। धान की नर्सरी का समय: कृषि यंत्रों को खेतों तक ले जाना बना मुसीबत ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में धान की नर्सरी की बुवाई का सीजन चल रहा है। किसानों को इस समय खेतों में ट्रैक्टर, रोटावेटर और अन्य कृषि यंत्रों को ले जाने की सख्त जरूरत है। लेकिन सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण कृषि उपकरणों और ट्रैक्टरों को खेतों तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इससे खेती का काम भी पिछड़ रहा है। ग्रामीणों ने लगाई सरकार से गुहार, पक्की सड़क निर्माण की मांग इस समस्या से आजिज आकर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों और किसानों ने शासन-प्रशासन से इस मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है। पक्की सड़क के निर्माण के लिए स्थानीय निवासी अकील, सखावत अली, नान बच्चा विश्वकर्मा, नानू गौतम और ओम प्रकाश गौतम सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बदहाली के आंसू रो रहा श्रावस्ती का यह मार्ग:कंजड़वा अकील के खेत से भुजवन व लोहारन पूरवा जाने वाली सड़क जर्जर, चोटिल हो रहे बच्चे और बुजुर्ग
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