लखनऊ। प्रदेश में संचालित होम स्टे एवं बी0 एण्ड बी0 इकाईयों को पंजीकृत किये जाने के लिए बी0 एण्ड बी0 होम स्टे नीति-2025 में कतिपय संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार होम स्टे इकाई शहरी परिक्षेत्र में विशुद्धतः स्वामित्व अथवा विकास प्राधिकरणों से लीज पर ली गयी भूमि पर निर्मित आवासीय इकाई ही होगी तथा उसमें स्वामी अथवा उसका परिवार भौतिक रूप से निवास करना अनिवार्य किया गया है।
होम स्टे इकाई में एक से अधिकतम आठ कक्ष (16 शैय्या) पंजीकृत कराये जा सकते हैं। पूर्व में दो तिहाई कक्षों को ही किराये पर देने की व्यवस्था थी, जिसकी संख्या कम से कम 01 तथा अधिकतम 06 (16 शैय्या) थी।यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि बी0 एण्ड बी0 एवं होम स्टे नीति-2025 के प्रस्तर-5 में संशोधन किया गया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में आवासीय इकाईयों तथा लीज पर लिये गये आवासीय भवनों में देशी-विदेशी पर्यटकों को किफायती दरों पर आवास एवं नास्ता/भोजन आदि उपलब्ध कराये जाने हेतु इकाई स्वामी द्वारा इस योजना के अंतर्गत पंजीयन कराया जायेगा। इकाई में केयर टेकर का निवास करना अनिवार्य होगा। सम्पत्ति धारक द्वारा उसके आवासीय/लीज भवन के अधिकतम 08 कक्षों को ही किराये पर दिया जा सकेगा।
लीज पर लिये गये भवन की लीज न्यूनतम 03 वर्ष की होनी चाहिए। इस श्रेणी के अंतर्गत 16 विस्तरों वाली डारमेन्ट्री पात्र इकाई मानी जायेगी। उन्होंने बताया कि संशोधन के अनुसार 08 कक्षों से अधिक आवासीय भवनों तथा होटल, मोटल, गेस्ट हाउस आदि को इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत नहीं किया जायेगा। पंजीकृत इकाईयों का पंजीकरण अवधि समाप्त होने के पूर्व पोर्टल पर अपने पंजीकरण का स्वयं नवीनीकरण करा सकेगी। स्वनवीनीकरण (।नजव त्मदमूंस) की यह व्यवस्था पंजीकरण समाप्ति की तिथि से 03 माह पूर्व से उपलब्ध रहेगी।












