लखनऊ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिये हैं कि स्वीकृत परियोजनाओ की टेंडर प्रक्रिया 20 मई तक एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को 20 नवम्बर तक हरहाल में पूरा करे। उन्होंने कुछ प्रकरणों में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि फाइलों को लटकाने और भटकाने की संस्कृति छोड़नी पड़ेगी। जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।
पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गुमराह करने की आदत छोड़े तथा अपनी जिम्मेदारी को निष्ठापूर्वक निभाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को 20 नवम्बर तक पूरा करते हुए लोकार्पण के लिए तैयार करे, ताकि समय से इन परियोजनाओं को आम जनता को समर्पित किया जा सके। नवम्बर तक परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए।
इस दौरान कुछ जनपदों से निर्माण कार्य संबंधी प्रगति की गलत जानकारी देने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि काम में तेजी लाई जाए और समय-समय पर मुख्यालय से अधिकारियों की टीम फोटोग्राफर सहित स्थलीय निरीक्षण करेगी। यह टीम मौके पर जाकर कार्य की प्रगति का भौतिक सत्यापन और गुणवत्ता, प्रभावी समीक्षा एवं समन्वय करके परियोजनाओ को गति प्रदान करेगी।
विभागीय अधिकारी पत्राचार-पत्राचार का खेल न खेले। जमीन पर उनकी बदली कार्यशैली का परिणाम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी समस्या हो, उसका बैठकर समाधान निकाला जाए। आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट को क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने भारत सरकार स्तर पर लंबित योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत नैमिषारण्य में प्रस्तावित कार्यों को शुरू करे। ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों का इतिहास लेखन एवं शिलालेख की कार्यवाही एक स्थापित प्रक्रिया के अनुसार संचालित की जाए।
इस अवसर पर वाद्ययंत्रों के क्रय की भी समीक्षा की और जिला महोत्सव को जनपद के स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य ढंग से आयोजित कराने के निर्देश दिए। वर्ष 2017 से अब तक दोनों विभागों द्वारा कराये गये कार्य, लागत, स्वीकृत तथा व्यय धनराशि योजनाओ की प्रगति आदि की एक रिपोर्ट जनपदवार तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने भुगतान पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। भुगतान में विलम्ब होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने उलझाने की जगह सुलझाने की सोच और मानसिकता से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नकारा और कार्य में रूचि न लेने वाले ठेकेदारों को सिस्टम से बाहर किया जाए। उन्होंने कुन्दरकी विधानसभा क्षेत्र में पिछले 16 अप्रैल को किये गये शिलान्यास का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया और इस संबंध में कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों द्वारा गलत सूचना दी गयी, जो बेहद आपत्तिजनक है।
उन्होंने अमरोहा में एक मंदिर को लेकर अनावश्यक अडंगा लगाने पर घोर आपत्ति जताई। बैठक में मौजूद अपर मुख्य सचिव संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि परियोजनाओं को पूरा करने में किसी भी प्रकार की हीला हवाली नहीं चलेगी।
बैठक में विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, प्रबंध निदेशक यूपीएसटीडीसी आशीष कुमार, निदेशक ईको पर्यटन पुष्प कुमार के0, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, पर्यटन सलाहकार जे0पी0 सिंह, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अंजू चौधरी, संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव एवं विभाग के अधिकारी मौजूद थे।












