शोहरतगढ़ नगर पंचायत में 24 जून 2026 को सातवीं मुहर्रम के अवसर पर एक सुन्नी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। यह जुलूस देर शाम स्व. साहबू उस्ताद के घर से शुरू हुआ। जुलूस मस्जिद गली, धुनिया मुहल्ला और सुरैया मुहल्ला से होते हुए हाजी जब्बार के घर से वापस गोलघर पहुंचा। इसके बाद यह अंसारी गली, अल्ताफ नेता के घर के सामने, कुजड़ा मुहल्ला और रमज़ान गली से गुज़रा, जहां निबी दोहनी और बाज़ार के जुलूस का मिलन हुआ। जुलूस पुलिस पिकट, राम जानकी मंदिर और गड़कुल तिरंगा तिराहा से भी आगे बढ़ा। इस दौरान तहज़ियाकारों ने मार्ग में केले काटकर लाए और चौकों पर केले के तने सजाए। जुलूस की मुख्य विशेषता पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन रही। विभिन्न स्थानों पर लाठी, तलवार, फरसा और आग की लाठी जैसे रोमांचक खेल दिखाए गए। इस दौरान ‘या शहीद-ए-कर्बला, या हुसैन’ के नारे गूंजते रहे। यह एक सुन्नी जुलूस था, जिसमें मातम नहीं किया गया। तहज़ियाकारों में शमीम शाह, अकबर अली कुरैशी और बालेदीन के साथ शिव कुमार, राजेंद्र और राकेश भी उपस्थित थे। सदर जामा मस्जिद के अल्ताफ हुसैन, उस्ताद इंशान अली, वलील खान, असरफ अंसारी, पप्पू खान, नवाब खान, शादाब अंसारी, गुड्डू नेता, नासिरुद्दीन फोकू और कलाम सहित सैकड़ों अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। एसएचओ नवीन कुमार सिंह, सीओ मयंक द्विवेदी, एडीएस प्रशांत कुमार प्रसाद और तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। तहज़ियादार नगर पंचायत कार्यालय से होते हुए अपने-अपने चौक पर लौटे और अकीदत के प्रतीक केले के तने स्थापित किए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह पूरा जुलूस सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
शोहरतगढ़ में सातवीं मुहर्रम का जुलूस निकला:जगह-जगह पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन हुआ
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