लखनऊ। उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर, सड़क दुर्घटनाएं न्यूनतम करने और दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सड़क पर सख्त प्रवर्तन कार्यवाही कर रहा है, और हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध व्यापक दंडात्मक कार्यवाही की मुहिम छेड़ी हुई है, वहीं परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन द्वारा प्रदेश के समस्त ग्राम प्रधानों, तथा प्रदेश बार एसोसिएशन एवं सभी जनपदीय अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों को पत्र जारी कर, सड़क सुरक्षा की मुहिम में सहयोग की अपील की है।
शुक्रवार विभाग का सकारात्मक और संवेदन शील चेहरा भी सामने आया है। परिवहन आयुक्त ने ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र में अनुरोधात्मक भाषा में अपील की कि ग्राम प्रधान गाँव के ऐसे निर्वाचित जन प्रतिनिधि हैं, जिनकी बात का सम्मान ग्रामवासी करते हैं। यदि वे लोग अपने गांव के लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट पहनने और नियमों के अनुपालन के लिए रोक टोक, समझाने, और प्रेरित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे तो निश्चित रूप से ग्रामीण समुदाय का एक बड़ा हिस्सा सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत होगा।
इसी प्रकार, अधिवक्ता संघों को भेजे गए अपने पत्र में परिवहन आयुक्त ने उनकी कानूनी जानकारी, नियमों का सम्मान करने की प्रवृत्ति तथा बौद्धिक समुदाय होने का हवाला देते हुए अपील की है कि वे अपने सदस्यों को भी अपने और अपने परिवार की सुरक्षा हेतु हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट पहनने तथा नियमों के अनुपालन हेतु प्रेरित करें। इसी प्रकार प्रदेश भर के विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को भी इस आशय के पत्र प्रेषित किए हैं।
परिवहन आयुक्त की इस संवेदन शील पहल से परिवहन विभाग की मंशा स्पष्ट है कि विभाग केवल चालान तथा सख्त प्रवर्तन कार्यवाही से ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता के संस्थागत प्रयासों पर भी जोर दे रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर न रह कर जन भागीदारी भी सुनिश्चित हो।












