लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इसके साथ ही ओम बिरला ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के लिए लोकसभा में अलग बैठने की भी व्यवस्था को भी मंजूरी दे दी।
शिवसेना के सांसदों की संख्या सात से बढ़कर 13
उद्धव ठाकरे की पार्टी से बगावत करके आए इन छह सांसदों के विलय के बाद लोकसभा में शिंदे वाली शिवसेना के सांसदों की संख्या सात से बढ़कर 13 हो गई है। तृणमूल के 20 बागी सांसद सदन में अपनी मूल पार्टी से अलग बैठेंगे।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के इन बागी सांसदों की इस मांग पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है कि उन्हें एनसीपीआई के सांसदों के रूप में आधिकारिक मान्यता दी जाए।












