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यूपी कैबिनेट : यूपी आउटसोर्स सेवा निगम को मिलेगा 20 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार काे आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय में प्रावधानित 20 करोड़ रुपये की धनराशि निगम को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से नवगठित निगम के संचालन को मजबूती मिलेगी व प्रदेश में आउटसोर्स सेवाओं के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कंपनी अधिनियम-2013 की धारा-8 के अंतर्गत एक गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है। निगम का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।

प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास

उन्होंने कहा कि वर्तमान में निगम अपने संचालन के शुरुआती चरण में है। ऐसे में इसके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों से लिए जाने वाले सेन्टेज चार्ज सहित अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने, कार्य संचालन को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि निगम प्रारंभिक वर्षों में अपनी आय के माध्यम से ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं होगा। प्रारंभिक आंकलन के आधार पर पहले पांच वर्षों तक निगम पर ऋण अदायगी का दायित्व नहीं रहेगा। इसके बाद निगम अपनी आय से 2 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से अगले दस वर्षों में इस ऋण का भुगतान करेगा।

 

अग्निशमन तथा आपात सेवा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 25.78 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी

 

कैबिनेट बैठक में अग्निशमन एवं आपात सेवा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। योगी कैबिनेट ने विभाग के लिए कुल 44 वाटर टेंडरों और 5 फोम टेंडरों के निर्माण और खरीद के लिए 25 करोड़ 78 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी।

इस निर्णय के तहत नई मांग के सापेक्ष 5 वाटर टेंडर (2500 लीटर क्षमता) का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा निष्प्रयोज्य के सापेक्ष 39 वाटर टेंडर (2500 लीटर क्षमता) तथा 5 फोम टेंडर (5000+500 लीटर क्षमता) का निर्माण एवं क्रय किया जाएगा। इन सभी वाहनों में चेसिस, हाई प्रेशर पंप, फैब्रिकेशन और आवश्यक एसेसरीज शामिल होंगी।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अग्निशमन एवं आपात सेवा एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण, शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश के तंग मोहल्लों, भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों, कस्बों, औद्योगिक इकाइयों, पेट्रोलियम एवं गैस प्रतिष्ठानों, रासायनिक इकाइयों, एयरपोर्ट, हेलीपैड तथा पेंट और अन्य ज्वलनशील तरल पदार्थों के गोदामों में आग बुझाने के लिए आधुनिक फायर टेंडरों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि आग को बुझाने के लिए जहां अग्निशमन की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती है, वहां के लिए यह छोटे-छोटे वाटर टेंडरों की व्यवस्था की जा रही है।

 

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