प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले भारी बारिश के चलते कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हाईकोर्ट के संज्ञान में लेने के बाद नगर निगम एवं प्रशासनिक अधिकारी जल निकासी कराने में जुटे हुए हैं। प्रयागराज नगर निगम जार्जटाउन के अधिकारी और सोहबतियाबाग में तीन पम्प लगाकर सीवर लावइन के माध्यम से शहर से बाहर निकलवाने में जुटा हुए हैं। महापौर गणेश केसरवानी का कहना है कि भारी बारिश के चलते जल भराव की समस्या उत्पन्न हुई है। हमने कई स्थानों पर निरीक्षण किया और जहां भी समस्या उत्पन्न हुई वहां तत्काल सफाई और जल निकासी के लिए निर्देश दिया है।

प्रयागराज के जार्जटाउन, टैगोर टाउन, सोहबतियाबाग,बैरहना, रामबाग, करेली सहित कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रदेश में बुधवार से 23 अगस्त तक पश्चिमी और पूर्वी उप्र में अलग अलग स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगह गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। यह पूर्वानुमान बुधवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया है।
मुख्य रूप से 20 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर वर्षा के आसार हैं।
20 अगस्त को बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
डॉ. सुनील पांडेय के अनुसार 20 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद 21 और 22 अगस्त को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंचे स्थानों के नीचे खड़े होने से भी बचना जरूरी है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम के बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए सलाह
डॉ. पांडेय ने किसानों से मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने को कहा है। खेतों में काम करते समय यदि बादल गरजने या बिजली चमकने लगे तो सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की स्थिति में फसलों की नियमित निगरानी करना भी जरूरी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रह सकती हैं। इसलिए प्रशासन, किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।












