Homeदेश (National)क्या RSS में शामिल होंगे शुभेंदु अधिकारी? संघ के बड़े नेता ने...

क्या RSS में शामिल होंगे शुभेंदु अधिकारी? संघ के बड़े नेता ने सबकुछ साफ कर दिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पश्चिम बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुभेंदु को आरएसएस का बेटा बताया और कहा कि संगठन को उन पर गर्व है। उन्होंने संगठन का हिस्सा बनने की खातिर किसी फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हर व्यक्ति का स्कूल के समय से संघ से जुड़ना जरूरी नहीं है। बहुत लोग बाद में इससे जुड़ते हैं।

बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी ने जिन चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया है, उनका पहले अन्य दलों से संबंध था। पीटीआई भाषा के साथ विशेष इंटरव्यू में जब दत्तात्रेय होसबाले से शुभेंदु अधिकारी, बिहार के सीएम सम्राट चौधरी और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बारे में पूछा गया कि क्या यह प्रवृत्ति आरएसएस को परेशान करती है। जवाब में उन्होंने कहा, ‘हम खुश हैं। भाजपा का विस्तार हो रहा है। और इसका मतलब है कि इसे स्वीकार्यता मिल रही है।’

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने ईरान से कौन सा सौदा किया, जिसे ट्रंप के लिए बड़ा झटका कहा जा रहा?

सभी संघ के वैचारिक परिवार का हिस्सा

दत्तात्रेय होसबाले ने आगे कहा कि नए नेता भी धीरे-धीरे आरएसएस को समझने लगेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीजेपी में शामिल होने वाले नए सदस्यों को आरएसएस में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे? होसबाले ने जवाब दिया कि वह पहले से ही करीब करीब आरएसएस में हैं, क्योंकि वे संघ के वैचारिक परिवार का हिस्सा हैं।

संघ की कोई औपचारिक सदस्यता नहीं

उन्होंने यह भी बताया कि संघ की कोई औपचारिक सदस्यता नहीं होती। मैंने भी औपचारिक सदस्यता नहीं ली। आरएसएस एक परिवार जैसा है। इसीलिए जो भी इस परिवार में आता है, वह इसका हिस्सा बन जाता है। उन्होंने आगे उदाहरण दिया कि जैसे परिवार में आने वाली पुत्रवधू को कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। वह स्वाभाविक रूप से परिवार का हिस्सा बन जाती है।

यह भी पढ़ें: महंगाई का झटका! मदर डेयरी-अमूल ने प्रति लीटर 2 रुपये बढ़ाए दूध के दाम

‘हमें इस बेटे पर गर्व’

जब उनसे पूछा गया कि क्या पश्चिम बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी दामाद की तरह होंगे? जवाब में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, ‘हमें इस बेटे पर गर्व है। उनसे जब पश्चिम बंगाल में संघ के स्वयंसेवकों की भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘नागरिकों के तौर पर उन्होंने (स्वयंसेवकों ने) सब कुछ किया। पश्चिम बंगाल में हमारे स्वयंसेवकों को लंबे समय से उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। पहले कम्युनिस्ट शासन और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में। सिर्फ इसलिए कि वे सनातन हिंदू की बात कर रहे थे, शाखाएं चलाते थे और देशभक्त राष्ट्रवादी लोगों का निर्माण करते थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments