मेरठ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मेरठ पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली, जब लोहिया नगर थाना क्षेत्र के अलीपुर इलाके में हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश जुबैर मारा गया। कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य जुबैर गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, एसटीएफ लखनऊ की टीम को सूचना मिली थी कि हत्या, लूट और डकैती जैसी वारदातों में वांछित अपराधी जुबैर मेरठ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। अलीपुर क्षेत्र में पुलिस ने बाइक सवार संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जुबैर गोली लगने से घायल हो गया।
मौके से पुलिस ने दो पिस्टल 32 बोर, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस तथा एक बाइक बरामद की। घायल बदमाश को तत्काल मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जुबैर पुत्र रफतउल्ला मूल रूप से अलीगढ़ जिले के बरला थाना क्षेत्र के नौशा गांव का निवासी था और वर्तमान में दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में रह रहा था। वह कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत करीब दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
बताया गया कि 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी जुबैर वांछित चल रहा था। इसी मामले में उस पर अलीगढ़ पुलिस द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में निरीक्षक महावीर सिंह, निरीक्षक दीपक सिंह, उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब जुबैर के अन्य साथियों और गैंग नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।












