अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अन्य इलाकों में फैलने लगी है। बुधवार को सऊदी अरब और अमेरिका ने एक संयुक्त अभियान में इराक स्थित ईरान समर्थित मिलिशियाओं पर घातक बमबारी की। इराक के साथ प्रांतों पर की गई बमबारी में कम से कम 20 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के घायल होने की खबर है। इराक के प्रधानमंत्री ने इन हमलों के बाद गुरुवार को प्रस्तावित सऊदी अरब की अपनी यात्रा को टाल दिया है।
28 जुलाई को ही इराक के ‘पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज’ ने सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी अबकैक तेल रिफाइनरी पर हमला किया था। इन हमलों के कुछ देर बार सऊदी सेना ने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में भीषण बमबारी की। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के मुख्यालय समेत कई बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में भारी तबाही दिख रही है।
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पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स ने बताया कि अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों में संगठन के आधिकारिक मुख्यालयों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कम से कम 20 लोग की जान गई और 32 घायल हुए हैं। संगठन ने हमलों को इराक की संप्रभुता का उल्लंघन और सुरक्षा संस्थानों पर हमला बताया। कहा कि यह तनाव में एक खतरनाक इजाफा है।
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हमलों के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने गुरुवार को प्रस्तावित अपनी सऊदी अरब यात्रा को टाल दिया है। दूसरी तरफ इराक के पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इराकी लड़ाकों पर अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘हम इराक में ‘पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज’ के ठिकानों पर सऊदी-अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यह हमला इराक की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन व इस्लामिक भाईचारे के सिद्धांत के खिलाफ है।











