पटना। बिहार में सोमवार शाम तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन जिलों में कुल 12 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा पूर्वी चंपारण में 05, गया जी में 04 और औरंगाबाद में 03 लोगों की मौत हो गई।
इस घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें। खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिये आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये सुझावों का अनुपालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें।
आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पूर्वी चंपारण जिले में एक घंटे की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तेज आंधी बारिश से मोतिहारी में 5 लोगों की मौत हो गयी है।
जिले में पहली घटना सुगौली थाना क्षेत्र के कैथवलिया गांव स्थित बगीचे की है जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृत बच्चों की पहचान जयलाल सहनी के 15 वर्षीय पुत्र सन्नी देओल कुमार व मंजू सहनी के 8 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी के रूप में हुई है। जबकि घायल बच्चे की पहचान 9 वर्षीय मंतोष कुमार के रूप में हुई है।
दूसरी घटना जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव में आकाशीय बिजली ताड़ के पेड़ पर गिर गई। जिसके बाद ताड़ के पेड़ में आग लग गई, जो देखते ही देखते पास की झोपड़ियों तक फैल गई।
इस भीषण अगलगी में आधा दर्जन से अधिक घर जलकर राख हो गए। घटना में अपने ननिहाल आई 3 वर्षीय बच्ची सरस्वती कुमारी की जलने से मौत हो गई। घटना में एक युवक भी घायल हुआ है। जिसकी पहचान 22 वर्षीय चंदन महतो के रूप में हुई है।
तीसरी घटना ढाका-मोतिहारी पथ पर रूपडीह के समीप हुई। यहां तेज आंधी के कारण एक विशालकाय पेड़ सड़क से गुजर रहे ई-रिक्शा पर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धीरज कुमार और चिरैया के 7 वर्षीय मासूम चुनचुन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
गया जी जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 04 की मौत हो गई। मृतकों में शेरघाटी के जोगापुर निवासी राजेंद्र मांझी का बेटा गौतम कुमार, संदीप कुमार और सुरेंद्र मांझी का बेटा दिलकेश कुमार है। इनकी उम्र 15 से 17 साल के बीच है।
ये सभी आम चुनने के लिए घर से निकले थे, इसी दौरान मौसम बदल गया और आकाशीय बिजली गिरी। तीनों गंभीर रूप से झुलस गए थे। थोड़ी दूर पर एक और बच्चा था, जिसकी पहचान नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। गांव वालों का कहना है कि तीन घरों के बेटों की मौत हुई है, ऐसे में परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
औरंगाबाद जिले के सदर प्रखंड अन्तर्गत जम्होर स्थित पासी मोहल्ला में बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से आठ वर्षीय बजरंगी की मौत हो गयी। वह विजय कुमार चौधरी का इकलौता पुत्र था।
इसी जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के घटराइन बड़का भुइंया बिगहा गांव में वज्रपात से दो मासूमों की जान चली गयी। मृतकों की पहचान गणेश भुइयां के 10 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार और रामप्यारे भुइंया के 11 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है।












