बयारा, डुमरियागंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेवा में शनिवार को गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में 42 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और उन्हें इलाज के साथ चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया। अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी की अगुवाई में चिकित्सा टीम ने जांच के दौरान तीन उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान की। इन महिलाओं में खून की कमी पाई गई, जिसके बाद उनका तत्काल चिकित्सीय इलाज किया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि उच्च रक्तचाप, भ्रूण का असामान्य आकार, गंभीर एनीमिया और प्लेसेंटा का विकृत होना उच्च जोखिम के प्रमुख कारण हैं। शिविर का उद्देश्य गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही उच्च जोखिम वाले लक्षणों की पहचान कर, समय पर इलाज और परामर्श देना है, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित रखा जा सके। शिविर में सभी गर्भवती महिलाओं का खून टेस्ट, पेशाब टेस्ट, रक्तचाप और वजन की जांच की गई। उन्हें आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम और अल्बेंडाजोल जैसी आवश्यक दवाएं भी निशुल्क वितरित की गईं। महिला चिकित्सक सलमा हमीद ने महिलाओं की जांच कर परामर्श दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की रीता गौतम, रेखा सिंह, राधा, शारदा, बंदना, सुनीता, रीता दिवाकर, संगीता देवी और सितारा देवी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
बेवा सीएचसी पर 42 गर्भवती महिलाओं की जांच:प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर में मिला इलाज और परामर्श
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