अशोकनगर जिले का नाम रोशन किया खाना बनाने में

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अशोकनगर शहर में फेमस कैफे बावर्ची के ऑनर अभिनव श्री सेठ जिन्होंने लॉकडाउन में कैफे खोला।अशोकनगर की पहला कैफे का ऑनर भी बावर्ची के पास है उसके बाद तो जैसे शहर में कैफे की होड़ सी लग गई। श्री ने मास्टरसेफ का ऐड देखा तो श्री कैफे छोड़कर इंदौर चले गए। पहला ऑडिशन भोपाल में दिया जिसमे हजारों बच्चो ने भाग लिया। जिसमे तीन ऑडिशन दिया पहले पूरे इंडिया में से सिलेक्ट हुए 5000 बच्चे फिर 13 राउंड हुए टॉप 40 तक के सफर को तय करने में जिसमे कुछ दिनों बाद बॉम्बे से काल आता है आपको मुंबई आना है आपका सिलेक्शन टॉप 40 में हुआ है अभिनव का सपना उसकी मां के सपने से जुड़ा था जोकि साकार होने जा रहा था।टॉप 40 से टॉप 22 की जर्नी बहुत कठिन थी जिसमे आसाम कश्मीर हिमाचल उत्तरपदेश महाराष्ट्र सभी राज्यों से लोग आए। जब टॉप 22 में सिलेक्शन हुआ तो वहा की टीम ने अभिनव सेठ की मां श्रीमती रिंकल सेठ से वेडियोकाल पर बात की और कहा की आप अच्छे से एक जगह बैठ जाइए आपका बेटा सेफ अभिनव श्री सेठ बात करेगे। जब कैमरे को श्री की तरफ घुमाया तो श्री मास्टर सेफ का एप्रैन पहने सामने खड़ा था जिसे देखकर मां भावुक हो गई। मास्टरसेफ़ की टीम ने कहा बहुत बहुत बधाई अपका बेटा टॉप 22 में सिलेक्ट हो गया है और वो जल्द ही टीवी पर दिखेगा।ये वही अभिनव श्री सेठ है जिनके पास 2015 में बडिंग शेफ यानी मध्य प्रदेश का पहला छोटा शेफ हमारे प्रदेश को मिला था जिसने अपने पहले इंटरव्यू में जब पत्रकार ने पूछा की अपको खाना बनाने जैसे कम में कैसे इंटरेस्ट आया तब श्री ने बताया कि में बचपन में बहुत शरारती था तो मां खाना बनाते समय प्लेटफार्म पर बिठाल लेती थी ऐसे खाना बनाने का शौक लग गया जब पहली बार गैस पर पोहा बनाया तब मेरी उम्र 9 -10 साल थी। आज वही बच्चा मास्टरशेफ में टॉप 22 में आकर पूरे देश में ही नही पूरा विश्व इस कंपटीशन को देखता है। में टीवी पर आएगा। सभी अशोकनगर वासी के साथ साथ पूरे देश से बधाईया आ रही है। और हम सभी अभिनव श्री सेठ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।

संत कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट

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