सिद्धार्थनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में कुल 76 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की गई और उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। शिविर का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना तथा संभावित जटिलताओं की पहचान करना था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने उपस्थित महिलाओं को इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है, जिसके तहत हर महीने की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच की जाती है। इन जांचों में उच्च गुणवत्ता वाली प्रसव पूर्व सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। शिविर के दौरान, चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के साथ-साथ उन्हें पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्हें विशेष रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में उत्पन्न होने वाली संभावित जटिलताओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि नियमित जांच से जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर उचित उपचार प्रदान किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं को संस्थागत प्रसव के महत्व पर भी जोर दिया और उनसे नियमित जांच कराने की अपील की। शिविर को सफल बनाने में डॉ. शहनवाज, बीपीएम अमरनाथ गुप्ता सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खेसरहा में 76 गर्भवती महिलाओं की जांच:सुरक्षित मातृत्व अभियान में अल्ट्रासाउंड और दवाएं वितरित
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