सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऐचनी में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) उपेक्षा का शिकार हो गया है। स्वच्छता अभियान के तहत बनाए गए इस केंद्र का उद्देश्य गांव के कचरे का संग्रहण और निस्तारण करना था, लेकिन वर्तमान में इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस केंद्र में आज तक कचरा नहीं पहुंचा है। इसके बजाय, वहां सीमेंट की बोरियां रखी हुई देखी जा सकती हैं। केंद्र के आसपास बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस स्थिति से सरकार की स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना केवल दिखावा बनकर रह गई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संगम त्रिपाठी ने बताया कि आरआरसी सेंटर का निर्माण पहले कराया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही संबंधित अधिकारियों से बात कर केंद्र को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। ग्रामीण अनूप ने कहा, “केंद्र में कचरा रखने के बजाय सीमेंट की बोरियां रखी हुई हैं, जो इसकी बदहाल स्थिति को दर्शाती हैं। जिम्मेदार लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।” विद्याधर ने टिप्पणी की, “केंद्र के बाहर बड़े-बड़े पेड़ उग गए हैं, जिससे लगता है कि सालों से इसका उपयोग नहीं हुआ है। यह केवल कागजों में ही चल रहा है।” श्याम नारायण ने कहा कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो यह सेंटर गांव के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन अभी यह पूरी तरह बेकार पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरआरसी सेंटर को चालू कराकर स्वच्छता अभियान को धरातल पर उतारा जाए।
ऐचनी में लाखों का आरआरसी सेंटर हुआ फेल:कागजों पर चमका, हकीकत में शो-पीस बना सेंटर, सीमेंट की बोरियां देख ग्रामीण दंग
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