नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में चार बच्चों की डूबने से हुई मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने नांदेड़-वाघाला नगर आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। एनएचआरसी ने कहा है कि यदि मीडिया में आई जानकारी सही पाई जाती है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही और मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला होगा।
जानकारी के अनुसार, इस्लामपुरा इलाके में नाले के निर्माण स्थल के पास लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसमें पानी भरा था। चार बच्चे वहां खेलते समय गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाए बिना उसमें उतर गए और डूब गए।
घटना के दौरान बच्चों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे तथा उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। काफी कोशिशों के बावजूद चारों बच्चों को बचाया नहीं जा सका, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। गहरे गड्ढे के आसपास न तो कोई चेतावनी संकेत था और न ही सुरक्षा घेरा, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
एनएचआरसी ने अपनी नोटिस में प्रशासन से मृतक बच्चों के परिजनों की स्थिति, उन्हें दी गई सहायता और मुआवजे का पूरा विवरण मांगा है। साथ ही यह भी कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डूबने से 4 बच्चों की मौत: आयोग ने किया कारवाई,डीएम-एसपी को दिया नोटिस
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