Homeजिला / लोकल (Local News)केजरीवाल के बंगले पर भाजपा-आप में सियासी टकराव, जीवनशैली पर छिड़ी बहस

केजरीवाल के बंगले पर भाजपा-आप में सियासी टकराव, जीवनशैली पर छिड़ी बहस


नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने केजरीवाल की जीवनशैली को लेकर तीखा हमला बोला है, वहीं आप ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए तस्वीरों को फर्जी बताया है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायक प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जीवनशैली को देखते हुए आम आदमी पार्टी का नाम ‘आलीशान आदमी पार्टी’ रख देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्ना आंदोलन के दौरान सादगी का दावा करने वाले केजरीवाल ने सरकारी सुविधाएं न लेने का वादा किया था, लेकिन अब वे आलीशान बंगले में रह रहे हैं।
प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के नए आवास की तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि इससे पहले भी उन्होंने दिल्ली में ‘शीशमहल’ बनाया था, जो कोविड काल के दौरान तैयार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जब जनता इलाज और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रही थी, तब भी इस निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं आई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में भी बड़े सरकारी आवासों पर आप नेताओं ने कब्जा कर रखा है, जिससे वहां के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ रही हैं। वर्मा ने कहा कि केजरीवाल ने सादगी का चोला पहनकर जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात किया है। वहीं, संजय सिंह ने भाजपा के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जारी की गई सभी तस्वीरें ‘फर्जी और बेबुनियाद’ हैं। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य केवल केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
संजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार या कोई भी मीडिया संस्थान इन तस्वीरों का प्रसारण करता है तो आम आदमी पार्टी उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगी। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आवास भी जनता के लिए खोले जाएं, साथ ही केजरीवाल का घर भी आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि तस्वीरों का केजरीवाल के घर से कोई संबंध नहीं है। उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल को केजरीवाल लोधी एस्टेट स्थित एक नए टाइप-7 सरकारी बंगले में शिफ्ट हुए हैं। इस पूरे विवाद ने राजधानी की राजनीति को फिर से गर्मा दिया है, जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

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