अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) ने अपने पहले चुनाव में 108 सीटों पर जीत हासिल करके इतिहास रच दिया। सरकार बनाने की खातिर टीवीके को सिर्फ 10 विधायकों की जरूरत है। मगर सरकार बनाने से बड़ी चुनौती अपने चुनावी घोषणा पत्र को लागू करने की है। टीवीके ने सरकार बनने पर महिलाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं और किसानों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया।
लेकिन टीवीके के वादे बेहद भारी भरकम है। अगर इन्हें लागू किया गया तो तमिलनाडु के बजट पर भारी दबाव पड़ेगा। हो सकता है कि राज्य सरकार को कर्ज लेना पड़ सकता है या नया टैक्स भी लगाना पड़ सकता है। आइये समझते हैं कि विजय की पार्टी के वादे कितने मंहगे हैं।
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तमिलनाडु की पिछली डीएमके सरकार ने कुल वित्तीय आय का करीब 19.6 फीसद कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया। अगर टीवीके अपने सभी वादों को लागू करती है तो कुल आय का करीब 29.8 फीसद इसी में जाएगा। 2025-26 के बजट के मुताबिक तमिलनाडु की कुल आय 3,31,569 करोड़ रुपये है। इसमें से करीब 99,057 करोड़ विजय के वादों को निभाने में चले जाएंगे। आइये समझते हैं कि कहां-कितना खर्च होगा…
महिलाओं का वादा सबसे मंहगा: विजय ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया है। सरकारी लाभार्थी डेटा के मुताबिक तमिलनाडु की करीब 1.7 करोड़ महिलाएं इसके दायरे में आएगी। योजना पर करीब 47100 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च आएगा। यह विजय का सबसे महंगा वादा है। मगर यह देखना होगा कि उनकी सरकार इसे कब निभा पाती है।
मुफ्त गैस सिलेंडर: हर परिवार को साल में छह मुफ्त सिलेंडर देने का भी वादा है। 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 1.85 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। अगर 900 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से आंकलन करने पर हर साल विजय को इस योजना पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
गार्जियन स्कूल ग्रांट: सालाना 8438 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सरकारी स्कूल के करीब 56 लाख छात्र इसके दायरे में आएंगे। हर छात्र को सलाना 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। योजना पर सालाना कुल खर्च 8,438 करोड़ तक हो सकता है।
किसान आय समर्थन:
- 79.4 लाख किसान होंगे लाभार्थी
- 15 हजार रुपये सालाना होगा लाभ
- सरकार को सालाना 11,910 करोड़ खर्च करने होंगे।
कृषि मजदूर समर्थन स्कीम
- तमिलनाडु के 96 लाख मजदूर को लाभ
- हर साल 10 हजार रुपये मिलेंगे
- सालाना खर्च 9600 करोड़ रुपये आएगा
मछुआरा परिवारों को समर्थन
- 2 लाख से अधिक परिवार दायरे में
- 27 हजार रुपये सालाना लाभ होगा
- सरकार का हर साल 545 करोड़ रुपये खर्च आएगा
यूथ इंटर्नशिप स्टाइपेंड: पांच लाख युवाओं को हर साल इस स्कीम का फायदा मिलेगा। टीवीके के घोषणा पत्र के मुताबिक ग्रेजुएट को हर महीने 10 हजार और आईटीआई डिप्लोमा धारकों को 8000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। सरकार का वार्षिक खर्च 5400 रुपये होगा।
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स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप
- करीब 1.5 करोड़ परिवारों को फायदा
- योजना पर सालना करीब 1274 करोड़ रुपये खर्च होंगे
बेरोजगार भत्ता: विजय ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया है। प्रदेश के करीब 10 लाख लोगों को हर महीने 4000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। योजना पर सालना खर्च करीब 4800 करोड़ रुपये आएगा। एक अनुमान के मुताबिक अगर विजय ने अपने सभी चुनावी वादों को लागू किया तो तमिलनाडु का सरकारी खर्च करीब 52 फीसद तक बढ़ सकता है।












