HomeHealth & Fitnessपंचायत राज विभाग का मामला : पदोन्नति प्रदान करने का अधिकरण का...

पंचायत राज विभाग का मामला : पदोन्नति प्रदान करने का अधिकरण का आदेश

जोधपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण, जोधपुर ने पंचायत समिति सिरोही में कार्यरत सहायक विकास अधिकारी को अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर तीन माह में पदोन्नति देने का आदेश पारित किया।

गांव भारजा तहसील पिण्डवाड़ा जिला सिरोही निवासी हरिराम माली जो वर्तमान में सहायक विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत है कि नियुक्ति ग्राम सेवक के पद पर 05 दिसम्बर 1996 को हुई थी।

30 सितंबर 2013 को उसे पंचायत प्रसार अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। कालान्तर में इस पद नाम परिवर्तित कर सहायक विकास अधिकारी का पद नाम दिया।

सहायक विकास अधिकारी से अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग द्वारा 11 अगस्त 2021 को एक विभागीय पदोन्नति समिति गठित की गई।

समिति द्वारा प्रार्थी के नाम पर इस कारण से विचार नहीं किया गया क्योंकि उसकी वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट कमेठी के पास दिनांक 11 अगस्त 2021 तक उपलब्ध नहीं थी।

विभाग द्वारा दिनांक 31 अगस्त 2022 को एक वरिष्ठता सूची जारी की गई उसमें अपीलार्थी का नाम सम्मिलित था। वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट के संदर्भ में विभाग द्वारा अपीलार्थी के पक्ष में दिनांक 23 दिसम्बर 2022 को अदेय प्रमाण पत्र जारी किया गया यानि विभाग द्वारा यह स्वीकार कर लिया गया कि प्रार्थी की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध हो गई है।

विभाग द्वारा 10 फरवरी 2023 के आदेश से उससे कनिष्ठ एवं उसके समकक्ष सहायक विकास अधिकारियों को रिक्ति वर्ष 2020-21 के विरूद्ध अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्रदान कर दी गई लेकिन प्रार्थी को इस पदोन्नति से वंचित रखा गया।

विभाग के इस तथ्य से व्यथित होकर विभाग के समक्ष अपीलार्थी ने अनेको अभ्यावेदन प्रस्तुत किये परन्तु विभाग द्वारा कोई किसी तरह की कार्यवाही अपीलार्थी पक्ष में नहीं की गई। तब मजबूरन अपीलार्थी द्वारा अपने अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा के माध्यम से एक अपील अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की गई।

अधिकरण द्वारा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। विभाग द्वारा अधिकरण के समक्ष जवाब प्रस्तुत करते हुए यह तर्क दिया गया कि चूंकि पदोन्नति आदेश जारी करते समय अपीलार्थी की वास्तविक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे पदोन्नति से वंचित रखा गया है।

अपीलार्थी के अधिवक्ता का अधिकरण के समक्ष यह तर्क था कि विभाग द्वारा सहायक विकास अधिकारी से अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति आदेश 10 फरवरी 2023 को रिक्ति वर्ष 2020-21 के विरूद्ध जारी किये गये।

जिससे पूर्व ही आदेश 23 दिसम्बर 2022 से विभाग द्वारा अपीलार्थी के पक्ष में वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट के संदर्भ में अदेयता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था।

अत: विभाग द्वारा यह तर्क प्रस्तुत करना की पदोन्नति के समय उसकी वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी अनुचित एवं विधि विरूद्ध है एवं पूर्व में दिए गए राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायिक दृष्टातों के विरूद्ध है।

अपीलार्थी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत अपील को अधिकरण ने स्वीकार करते हुए अपीलार्थी को भी वर्ष 2020-2021 की रिक्तियों के विरूद्ध सहायक विकास अधिकारी के पद से अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्रदान करने के आदेश प्रदान किया एवं समस्त परिणामिक लाभ उसके समक्ष एवं उसके कनिष्ठ कर्मचारियों को प्रदान किये गये उसी दिन से प्रदान करने का आदेश पारित किया एवं आदेश की पालना तीन माह में सुनिश्चित करने का आदेश भी प्रदान किया गया।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments