बिजनौर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने मार्च 2026 से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर शासन-प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च एवं अप्रैल 2026 का मानदेय अब तक प्राप्त नहीं होने से उन्हें और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान समय में विद्यालयों का नया शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ हो चुका है, जिसके चलते बच्चों की फीस, पुस्तकें एवं अन्य शैक्षणिक खर्चों के साथ-साथ दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। लगातार दो माह से मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) ने शासन से मांग की है कि सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों का लंबित मानदेय तत्काल जारी कराया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई 2026 तक दो माह का बकाया मानदेय नहीं मिला, तो 21 मई 2026 से प्रदेशभर में “नो पे-नो वर्क” नीति अपनाते हुए कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि स्थिति बनी रही तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संगठन ने पुनः मांग की है कि कर्मचारियों की समस्या का शीघ्र समाधान कर संभावित आंदोलन की स्थिति से बचा जाए।












