बलरामपुर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ईंधन की आपूर्ति सुचारु है और मांग से अधिक भंडार उपलब्ध है। हाल ही में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ा था, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है। आज दोपहर की रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में पेट्रोल का कुल स्टॉक 4,14,200 लीटर और डीजल का 4,35,600 लीटर दर्ज किया गया है। यह मात्रा सामान्य दैनिक खपत से काफी अधिक है, जो किसी भी कमी की आशंका को निराधार साबित करती है।
ईंधन की खपत में असामान्य वृद्धि दरअसल, 25 मार्च से ईंधन की खपत में असामान्य वृद्धि देखी गई थी, जिसका मुख्य कारण ‘पैनिक बाइंग’ यानी घबराहट में खरीदारी रहा। 24 मार्च तक पेट्रोल की औसत दैनिक खपत 91,180 लीटर और डीजल की 1,40,400 लीटर थी। इसके बाद खपत ढाई से तीन गुना तक बढ़ गई। 25 मार्च को पेट्रोल की खपत 2,47,000 लीटर तक पहुंच गई, जबकि 26 और 27 मार्च को यह क्रमशः 2,01,000 और 2,15,000 लीटर दर्ज की गई। इसी तरह, डीजल की खपत भी 25 मार्च को 3,60,050 लीटर तक पहुंची। हालांकि, 28 मार्च को इसमें गिरावट आई और पेट्रोल की खपत घटकर 1,31,930 लीटर तथा डीजल की खपत 1,98,260 लीटर रह गई।
लोगों में जागरूकता बढ़ने का संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि 28 मार्च के आंकड़े बाजार के सामान्य स्थिति की ओर लौटने और लोगों में जागरूकता बढ़ने का संकेत देते हैं। जिला प्रशासन ने इस दौरान तेल कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा और आपूर्ति श्रृंखला की 24 घंटे निगरानी की। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। ऐसा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि कृत्रिम संकट भी पैदा कर सकता है। स्पष्ट है कि जनपद में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। जरूरत है तो केवल संयम और जागरूकता की, ताकि अफवाहों को खुद-ब-खुद खत्म किया जा सके और व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।










