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शेखपुरा में सफाईकर्मी सूरज का अनोखा मॉडल:QR कोड स्कैन कर ग्रामीण दे रहे टैक्स, गुल्लक में भी जमा हो रहे पैसे

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बहादुरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत शेखपुरा ने एक ऐसी नजीर पेश की है जिसकी चर्चा पूरे इलाके में है। यहां के एक सफाईकर्मी की ईमानदारी और अनोखी सोच ने पूरे गांव को न सिर्फ साफ-सुथरा बना दिया है, बल्कि पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने की राह भी दिखा दी है। शेखपुरा गांव के सफाईकर्मी सूरज चक्रवर्ती रोज सुबह ठेला लेकर निकलते हैं और गांव के हर घर से कचरा इकट्ठा करते हैं। इसके बाद वे कचरे की छंटाई करते हैं। इसमें से जो सामग्री बिकने योग्य होती है (जैसे प्लास्टिक, लोहा, कागज), उसे बेच देते हैं। इस बिक्री से जो भी पैसा मिलता है, उसे सूरज अपनी जेब में रखने के बजाय सीधे ग्राम पंचायत के OSR (अन्य स्रोत राजस्व) खाते में जमा करा देते हैं। ठेले पर QR कोड: ग्रामीण खुद स्कैन कर दे रहे हैं पैसा इस मुहिम की सबसे खास बात यह है कि सफाईकर्मी की इस ईमानदारी को देखकर ग्रामीण खुद आगे आए हैं। जिन घरों से कचरा उठता है, वहां के लोग स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। सूरज के कचरा ठेले पर एक QR कोड लगा हुआ है, जिसे ग्रामीण मोबाइल से स्कैन कर सीधे पंचायत के खाते में UPI के जरिए पैसे भेजते हैं। जो ग्रामीण स्मार्टफोन या UPI का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए पंचायत भवन में एक गुल्लक रखी गई है। लोग इसमें अपनी इच्छा से नगद पैसे डालते हैं। महीने के आखिरी में इस गुल्लक की राशि को गांव के सीएससी (CSC) सेंटर के माध्यम से पंचायत कोष में जमा करा दिया जाता है। ग्राम पंचायत शेखपुरा निवासी सूर्य प्रकाश ने बताया कि यह सफाईकर्मी सूरज चक्रवर्ती की अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी और पूरी ईमानदारी का नतीजा है। उनके इस प्रयास से पूरे गांव की सोच बदली है। 2 किलो पॉलीथिन दो, स्वच्छता उपहार पाओ ग्रामीणों में स्वच्छता की आदत डालने के लिए सूरज ने एक और दिलचस्प तरकीब निकाली है। वे हर शनिवार को एक विशेष अभियान चलाते हैं। जो भी ग्रामीण अपने घर या आसपास से 2 किलोग्राम पॉलीथिन कचरा इकट्ठा करके उनके ठेले पर देता है, सूरज उसे स्वच्छता से जुड़ी उपयोगी वस्तुएं (जैसे साबुन, फिनाइल या ब्रश) उपहार स्वरूप देकर प्रोत्साहित करते हैं। इस अनोखे ऑफर की वजह से अब गांव की गलियों में प्लास्टिक और पॉलीथिन ढूंढने से भी नहीं मिलती। कमाई से चमकेगी गांव की सूरत इस अनोखी पहल की शुरुआत से अब तक पंचायत के खाते में 900 रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। भले ही यह रकम अभी छोटी दिखे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की एक छोटी सी पंचायत के लिए यह एक बड़ी आत्मनिर्भर शुरुआत है। शेखपुरा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों से प्राप्त हो रही इस धनराशि का उपयोग किसी दूसरे काम में नहीं, बल्कि गांव की स्वच्छता व्यवस्था को और हाईटेक व बेहतर बनाने में किया जाएगा। सूरज की यह पहल पूरे ब्लॉक के लिए मिसाल है।
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